सतना : साकेत एक्सप्रेस में सवार होकर मुंबई से प्रयागराज की यात्रा कर रहा एक व्यक्ति कटनी से सतना रेलवे स्टेशन के बीच अचानक लापता हो गया. जिसकी तलाश करने के लिए पुलिस बल द्वारा कटनी से सतना रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे लाइन के दोनों छोर पर सघन सर्चिंग अभियान चलाया गया. लेकिन जब कड़ी मशक्कत के बावजूद भी सफलता नहीं मिली तब प्राप्त जानकारियों का सूक्ष्म विश£ेषण करते हुए सतना नदी में एसडीआरएफ की टीम को उतार दिया गया. एसडीआरएफ की टीम घंटों नदी की तलहटी की खाक छानती रही. जिसका नतीजा यह हुआ कि ट्रेन से गायब हुए व्यक्ति का शव सतना नदी से खोज निकाला गया.
प्रयागराज उप्र के प्रतापपुर कला गांव के निवासी पवन पाण्डेय जीआरपी थाने पहुंचे और अपने बड़े भाई धीरज पाण्डेय के ट्रेन से अचानक गायब हो जाने की शिकायत की. पवन ने बताया कि उनके भाई 22183 साकेत एक्सप्रेस में सवार होकर मुंबई से प्रयागराज तक की यात्रा कर रहे थे. जब उन्होंने अंतिम बार बात की थी तो बड़े भाई ने अपनी लोकेशन कटनी स्टेशन के पास होना बताया था. लेकिन उसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया और उनका कहीं कोई पता नहीं चल पा रहा है. घटना की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी ने प्रकरण दर्ज करते हुए ट्रेन से लापता हुए धीरज की तलाश शुरु की. जींच के दौरान जीआरपी ने आरपीएफ पोस्ट सतना के एएसआई अनिल राय सहित अन्य स्टॉफ से संपर्क किया.
जिसके जरिए यह जानकारी सामने आई कि साकेत एक्सपे्रस में सवार यात्रियों द्वारा कटनी से सतना स्टेशन के बीच एक व्यक्ति के खंबे से टकराकर ट्रेन से नीचे गिर जाने की सूचना दी गई थी. जिसे देखते हुए कटनी से सतना के बीच पडऩे वाले सभी स्टेशन के प्रबंधकों के साथ जानकारी साझा की गई. इसी कड़ी में जीआरपी कटनी से लेकर पुलिस कंट्रोल रुम सतना-कटनी को सूचना देते हुए संभावित स्थान के बारे में जानकारी एकत्र की गई. लेकिन इसके बावजूद भी कहीं से कोई जानकारी निकलकर सामने नहीं आ सकी. जिसके चलते पुलिस बल और उपलब्ध कर्मचारियों द्वारा रेलवे ट्रैक के दोनों किनारों पर सघन सर्चिंग अभियान चलाया गया.
इस दौरान रेलवे ट्रैक के दोनों किनारों पर स्थित गहरी झाडिय़ां, गड्ढे और दुर्गम स्थानों में घुसकर खोजबीन की गई. लेकिन लगातार सघन सर्चिंग अभियान चलाए जाने के बावजूद भी कोई सुराग नहीं मिला. लिहाजा जीआरपी टीम ने मोबाइल की लोकेशन और यात्रियों से मिली जानकारी का सूक्ष्म विश£ेषण शुरु किया. जिसके आधार पर रेल यात्री के सतना नदी में गिरने की प्रबल संभावना सामने आई. जिसे देखते हुए एसडीआरएफ की टीम की सहायता ली गई. एसडीआरएफ की टीम ने मोटर बोट की सहायता से सतना नदी में सभी संभावित स्थलों पर सघन तलाशी अभियान चलाया. जिसका नतीजा यह हुआ कि ट्रेन से लापता हुए धीरज का शव सतना नदी से खोज निकाला गया.
गृह ग्राम भेजा गया शव
पानी में पड़े होने के कारण शव फूल चुका था. लेकिन सिर के पिछले हिस्से पर गंभीर चोट के निशान स्पष्ट नजर आ रहे थे. शव का पोस्टमार्टम जिला चिकित्सालय के आरएमओ डॉ. शरद दुबे की निगरानी में कराए जाने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया. शव के साथ मिली सोने की चैन और अंगूठी को छोटे भाई पवन को सौंप दिया गया. जिसके बाद निजी एंबुलेंस की व्यवस्था करते हुए शव को परिजनों के साथ गृह ग्राम के लिए रवाना कर दिया गया. केस डायरी तैयार कर मामले को सिटी कोतवाली भेज दिया गया है. जहां पर पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है.
