नई दिल्ली 10 फरवरी (वार्ता) भारत और चीन ने द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक गति की मंगलवार को यहां समीक्षा की तथा लोगों के बीच संपर्कों को बढ़ाने तथा संवेदनशील मुद्दों पर चिंताओं का समाधान करते हुए इन्हें मजबूत बनाने पर चर्चा की।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यहां भारत-चीन रणनीतिक संवाद के बाद सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी। यह वार्ता विदेश सचिव विक्रम मिस्री और चीन के कार्यकारी विदेश उप मंत्री मा झाओश्यू के बीच हुई। यह बातचीत भारत की अध्यक्षता में आयोजित पहली ब्रिक्स शेरपा बैठक के इतर हुई।
श्री मा झाओश्यू ब्रिक्स शेरपा बैठक में भाग लेने के लिए भारत यात्रा पर हैं। प्रवक्ता के अनुसार दोनों पक्षों ने वैश्विक एवं क्षेत्रीय परिस्थितियों तथा बहुपक्षीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने भी अपनी पोस्ट में कहा कि चीनी मंत्री मा झाओश्यू ने पहली ब्रिक्स शेरपा बैठक में भाग लिया।
उन्होंने लिखा, “मा झाओश्यू ने उल्लेख किया कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने व्यापक ब्रिक्स सहयोग के उच्च-गुणवत्ता वाले विकास की महत्वपूर्ण अवधारणा तथा शांति, नवाचार, हरित विकास, न्याय और लोगों-से-लोगों के बीच घनिष्ठ संपर्क के लिए प्रतिबद्ध ब्रिक्स के निर्माण से संबंधित पांच सहयोगात्मक रूपरेखाएं प्रस्तुत की हैं। इनसे ब्रिक्स तंत्र के भविष्य के विकास की दिशा तय होती है।”
उन्होंने कहा, “चीन, वर्ष 2026 के लिए ब्रिक्स अध्यक्ष भारत, अन्य ब्रिक्स सदस्य देशों और साझेदार देशों के साथ मिलकर ब्रिक्स सहयोग के सही मार्ग का अनुसरण करने, व्यावहारिक सहयोग को गहरा करने, कार्य प्रणाली में सुधार करने, बहुपक्षीय समन्वय को मजबूत करने, अंतरराष्ट्रीय निष्पक्षता और न्याय को बनाए रखने तथा ब्रिक्स सहयोग को अधिक विकास प्रदान करने के लिए तैयार है।”
इस बैठक में पक्षकारों ने ब्रिक्स सहयोग की प्राथमिकताओं और वर्ष के प्रमुख कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विचारों का आदान-प्रदान किया तथा 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियाँ प्रारंभ कीं।
