नयी दिल्ली, 09 फरवरी (वार्ता) केन्द्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने सोमवार को कहा कि देश में कोचिंग इकोसिस्टम के विकास के लिए टास्क फोर्स ने एक राष्ट्रीय कोच मान्यता बोर्ड (एनसीएबी) स्थापित करने की सिफारिश की है। आज यहां डॉ. मनसुख मांडविया ने लोकसभा में पूछे गये एक प्रश्न के लिखित यह जानकारी दी। खेल मंत्रालय को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार टास्क फोर्स ने एक राष्ट्रीय कोच मान्यता बोर्ड (एनसीएबी) स्थापित करने की सिफारिश की है, जो कोच शिक्षा और मान्यता के लिए राष्ट्रीय मानक तय करने, कोचिंग को मंजूरी देने और निगरानी करने, कोच शिक्षा संस्थानों को मान्यता देने, खेलों में एक यूनिफाइड मुख्य पाठ्यक्रम डिजाइन करने, कोचों की लाइसेंसिंग और नवीनीकरण की देखरेख करने और गुणवत्ता आश्वासन और एनएसक्यूएफ और एनईपी 2020 के साथ तालमेल सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार सर्वोच्च प्राधिकरण होगा।
उन्होंने कहा कि टास्क फोर्स ने तेलंगाना राज्य सहित पूरे देश में जमीनी स्तर, मध्यवर्ती, एलीट और राष्ट्रीय टीम के कोचों को कवर करने वाले एक संरचित, स्तरीय राष्ट्रीय कोचिंग पाथवे को लागू करने की सिफारिश की है। यह सामुदायिक कोचों और शारीरिक शिक्षा (पीई) शिक्षकों को फीडर स्ट्रीम के रूप में भी एकीकृत करता है। प्रस्तावित उपायों में प्रत्येक स्तर पर स्पष्ट रूप से परिभाषित प्रवेश और प्रगति मानदंड शामिल हैं। पूर्व एलीट एथलीटों को कोचिंग में सुविधा के लिए एक पूर्व शिक्षा की मान्यता (आरपीएल) तंत्र, पीई शिक्षकों को स्कूल की जिम्मेदारियों को बाधित किए बिना कौशल बढ़ाने में सक्षम बनाने के लिए ब्रिज कार्यक्रम और एथलीट विकास परिणामों, उन्नत प्रमाणपत्रों और मेंटरशिप से जुड़ी एक पांच-सितारा प्रदर्शन रेटिंग प्रणाली, जो उच्च-स्तरीय असाइनमेंट और प्रोत्साहन तक पहुंच प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि टास्क फोर्स की सिफारिशों का कार्यान्वयन चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। एनसीएबी की स्थापना और यूनिफाइड पाठ्यक्रम को अंतिम रूप देने जैसे प्रारंभिक कदम कम समय में परिकल्पित हैं, जिसके बाद लाइसेंसिंग और स्तरीय काम शुरू किए जाएंगे।

