
जबलपुर। प्रदेश में तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मियों से सेवानिवृत्ति के बाद रिकवरी निकालने के मामले में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद पेंशन अधिकारी नियमित रूप से पीपीओ जारी करते समय वसूली के आदेश पारित करते हैं। हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को आदेश दिए हैं कि वे सभी जिले के पेंशन अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों से अवगत कराएं। इसके साथ ही न्यायालय ने कहा है कि मुख्य सचिव उक्त आदेश का पालन सुनिश्चित कराएं, ताकि भविष्य में अनावश्यक मुकदमेबाजी से बचा जा सके।
जबलपुर निवासी रोहणी प्रसाद पटेल की ओर से दायर मामले में कहा गया कि वे वर्ष 2017 में सब-इंस्पेक्टर के पद से सेवानिवृत्त हुए, सेवानिवृत्ति के बाद रिकवरी निकाल दी। आवेदक की ओर से कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट के रफीक मसीह और हाईकोर्ट के जगदीश प्रसाद के प्रकरण में स्पष्ट आदेश हैं कि सेवानिवृत्ति के बाद रिकवरी नहीं निकाली जा सकती, भले ही सेवा के दौरान अंडरटेकिंग भरी हो। न्यायालय ने याचिकाकर्ता के खिलाफ रिकवरी आदेश निरस्त कर दिया। कोर्ट ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता से वसूली की गई है तो 6 फीसदी ब्याज के साथ उसे 60 दिन के भीतर लौटाएं।
