एकता कपूर ने बदली भारतीय टेलीविजन की तस्वीर, तीन दशक से कर रही हैं मनोरंजन जगत पर राज

एकता कपूर ने पिछले तीन दशकों में भारतीय टेलीविजन को नई पहचान दी। क्योंकि सास भी कभी बहू थी, कसौटी जिंदगी की और नागिन जैसे सुपरहिट शो देने के साथ उन्होंने कई सितारों को लॉन्च किया।

भारतीय टेलीविजन की क्वीन एकता कपूर का जन्म 7 जून 1975 को हुआ था। एकता कपूर आज अपना 51वां जन्मदिन मना रही हैं। पिछले तीन दशकों में उन्होंने छोटे पर्दे को नई पहचान देने के साथ-साथ ऐसे किरदार और कहानियां गढ़ीं, जो दर्शकों के दिलों और घरों का हिस्सा बन गईं। एकता कपूर ने बेहद कम उम्र में मनोरंजन उद्योग में कदम रखा।

उनकी प्रोडक्शन कंपनी बालाजी टेलीफिल्म्स ने भारतीय टीवी इतिहास के कई सबसे लोकप्रिय और सफल धारावाहिक दर्शकों को दिए, जिन्होंने टीआरपी के नए कीर्तिमान स्थापित किए। एकता कपूर का चर्चित शो क्योंकि सास भी कभी बहू थी इसका सबसे बड़ा उदाहरण माना जाता है। शो में मिहिर विरानी के किरदार की मौत ने पूरे देश में चर्चा छेड़ दी थी। दर्शकों की इमोशनल प्रतिक्रिया इतनी तीव्र थी कि आखिरकार निर्माताओं को किरदार को वापस लाना पड़ा।

जब टीवी किरदार बन गए परिवार का हिस्सा
क्योंकि सास भी कभी बहू थी की तरह कसौटी जिंदगी की कोमोलिका ने भी टीवी इतिहास में अपनी अलग जगह बनाई। अभिनेत्री उर्वशी ढोलकिया द्वारा निभाया गया यह किरदार सिर्फ एक खलनायिका नहीं, बल्कि पॉप कल्चर का हिस्सा बन गया। एकता कपूर ने केवल पारिवारिक ड्रामा तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने समय-समय पर नए विषयों और शैलियों को भी लोकप्रिय बनाया। कुटुंब और कहीं तो होगा जैसे धारावाहिकों ने रोमांस को नए अंदाज में पेश किया। वहीं, नागिन के जरिए उन्होंने सुपरनेचुरल फिक्शन को मुख्यधारा में स्थापित किया।

कई सितारों के करियर को दी उड़ान
एकता कपूर को इंडस्ट्री में बेहतरीन टैलेंट स्पॉटर भी माना जाता है। उन्होंने कई ऐसे कलाकारों को अवसर दिया, जो आगे चलकर बड़े सितारे बने। विद्या बालन को शुरुआती पहचान शो हम पांच से मिली। वहीं दिवंगत सुशांत सिंह राजपूत को घर-घर तक पहुंचाने में पवित्र रिश्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके अलावा प्राची देसाई, अनीता हसनंदानी और राधिका मदान जैसे कलाकारों को भी उन्होंने मंच प्रदान किया।

टीवी से डिजिटल तक कायम रखा दबदबा
एकता कपूर की सबसे बड़ी विशेषता उनकी बदलते समय के साथ खुद को ढालने की क्षमता रही है। जब टेलीविजन का दौर अपने चरम पर था, तब उन्होंने छोटे पर्दे पर राज किया और जब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का विस्तार हुआ तो उन्होंने वेब कंटेंट की दुनिया में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई। मनोरंजन जगत में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए हैं, जिनमें पद्माश्री भी शामिल है।

 

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