जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के छात्रावास अधीक्षक के निलंबन को प्रथमदृष्ट्या अनुचित पाते हुए रोक लगा दी। इसी के साथ राज्य शासन, कलेक्टर व जिला संयोजक मनोज कुमार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। याचिकाकर्ता छतरपुर निवासी राजेश विश्वकर्मा की ओर से अधिवक्ता प्रवीण वर्मा व ज्योति वर्मा ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि पूर्व में याचिकाकर्ता को नियमानुसार उत्कृष्ट विद्यालय के छात्रावास अधीक्षक का प्रभार मिला था।
इसके बावजूद जिला संयोजक ने प्रमेश प्रजापति नामक व्यक्ति को उपकृत करने की मंशा से याचिकाकर्ता को हटा दिया। जिस पर हाईकोर्ट की शरण ली गई थी। हाईकोर्ट ने कलेक्टर ने कार्रवाई को अनुचित पाकर स्टे कर दिया। इसके बावजूद कलेक्टर के अनुमोदन की असत्य टीप के जरिए पुन: परेशान किया गया। इसलिये अवमानना याचिका दायर की गई। हाईकोर्ट ने अवमानना नोटिस जारी कर सूचना अधिकार के तहत प्राप्त नोटशील तलब कर ली। जिसके अवलोकन से साफ हुआ कि कलेक्टर ने ऐसी कोई अनुमोदन नहीं किया था। इसी के बाद से जिला संयोजक द्वारा याचिकाकर्ता को धमकाया जाने लगा। जिससे तंग आकर नए सिरे से याचिका दायर की गई है।
