
पिपलिया स्टेशन। मंदसौर जिले के आंतरी खुर्द गांव की 25 से अधिक छात्राएं रोजाना जान जोखिम में डालकर नाव से चंबल नदी पार कर नीमच जिले के आंतरी बुजुर्ग स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जाती हैं। बरसात में तेज धाराओं और मगरमच्छों के बीच बिना सुरक्षा इंतजाम नाव से सफर करने वाले इन बच्चों के अभिभावकों से स्कूल प्रबंधन ने स्टांप पेपर पर लिखवा लिया है कि हादसे की जिम्मेदारी विद्यालय की नहीं होगी।
स्थानीय लोगों ने स्थायी पुल निर्माण, सुरक्षित बस सेवा और नावों की फिटनेस जांच की मांग की है। वहीं प्राचार्य युवराज चंदेल ने हादसे की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ दिया है और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने परिवहन सुविधा न होने की बात कही है। यह मामला प्रदेश डिप्टी सीएम के विधानसभा क्षेत्र का है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास के दावों के बावजूद यह तस्वीर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की संवेदनहीनता को उजागर करती है।
