भोपाल: पश्चिम निमाड़ के बिजासन घाट ने एक बार फिर देश का ध्यान अपनी खतरनाक पहचान की ओर खींचा है। मध्यप्रदेश–महाराष्ट्र सीमा पर राष्ट्रीय राजमार्ग-52 का यह हिस्सा बीते वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा ब्लैक स्पॉट बन चुका है। इसी गंभीर स्थिति को लेकर राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी की पहल रंग लाई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मामले का संज्ञान लेते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को तत्काल सुरक्षा सुधार के निर्देश दिए हैं।
डॉ. सोलंकी ने केंद्रीय मंत्री से व्यक्तिगत भेंट कर बिजासन घाट की जमीनी हकीकत से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि सेंधवा के समीप इस घाट क्षेत्र में वर्ष 2016 से 2025 के बीच महज एक किलोमीटर के दायरे में करीब 190 सड़क हादसे दर्ज किए गए, जिनमें सैकड़ों लोगों की जान गई और हजारों लोग प्रभावित हुए। हाल ही में नवंबर 2025 में कंटेनर और पिक-अप वाहन की भिड़ंत से एक व्यक्ति की मौत और तीन लोगों के घायल होने की घटना ने स्थिति की गंभीरता को और उजागर कर दिया, जिससे करीब 24 घंटे तक यातायात ठप रहा।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस क्षेत्र को दुर्घटना मुक्त बनाने के लिए त्वरित और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इंदौर से बिजासन घाट होते हुए महाराष्ट्र सीमा तक राष्ट्रीय राजमार्ग-52 को सिक्स लेन में परिवर्तित करने की घोषणा की गई है।यह निर्णय केवल सड़क चौड़ीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे क्षेत्र में जान-माल की सुरक्षा, निर्बाध यातायात और भविष्य में दुर्घटनाओं पर स्थायी नियंत्रण की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों और यात्रियों को उम्मीद है कि अब बिजासन घाट की पहचान हादसों से नहीं, सुरक्षित और सुगम सफर से होगी।
