मखाने की खीर न सिर्फ व्रत के लिए एक उत्तम फलाहार है, बल्कि यह स्वाद और सेहत दोनों से भरपूर होती है। इसे बनाना बहुत आसान है और यह झटपट बनकर तैयार हो जाती है।
मखाना की खीर स्वादिष्ट तो होती ही है, यह सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होती है। मखाना की खीर बहुत ही झटपट बनकर तैयार हो जाती है। आपने चावल और दूध की खीर तो कई बार, कई अवसरों पर बनाई और खाई होगी।
आज मखाना और दूध की खीर बनाकर जरूर ट्राई कीजिए। यह बेहद लजीज और स्वादिष्ट बनता है। जल्दी में कुछ मीठा बनाना हो या भगवान को प्रसाद चढ़ाना हो, तो मखाना का खीर अच्छा ऑप्शन है। मखाना पाचन प्रक्रिया को दुरुस्त करता है। इससे तनाव दूर करता है और नींद अच्छी आती है। वजन करने में भी मखाना मददगार है।
मखाना की खीर बनाने की सामग्री
- मखाना- 2 कप
- दूध- 1 लीटर फुल क्रीम दूध
- चीनी- स्वाद अनुसार
- देसी घी- 2 या 3 बड़े चम्मच
- इलायची पाउडर- आधा छोटी चम्मच
- सूखे मेवे (कटे हुए बादाम, काजू, किशमिश और पिस्ता)
मखाना खीर बनाने की विधि
सबसे पहले एक मोटे तले के बर्तन में दूध को उबलने के लिए रख देंगे। एक उबाल आने के बाद गैस को धीमा कर देंगे। दूध को धीरे-धीरे पकने देंगे। इससे खीर सौंधी और क्रीमी बनकर तैयार होगी।
अब एक कड़ाही में देसी घी डालकर उसे मध्यम आंच पर गरम करें। घी गरम होने पर इसमें मखाने डालें और उन्हें लगातार चलाते हुए तब तक भूनें जब तक कि वे क्रिस्पी न हो जाएं। एक मखाना उठाकर दो ऊंगलियों के बीच दबाकर तोड़कर देखें। भूनने के बाद गैस बंद करें और मखानों को एक प्लेट में निकाल कर हल्का ठंडा कर लें। खीर को ज्यादा गाढ़ी और मलाईदार बनाने के लिए आप आधे मखानों को मिक्सर में दरदरा पीस सकते हैं।
उबलते हुए दूध में भुने हुए मखाने डाल दें। इसे धीमी आंच पर 10 से 15 मिनट तक अच्छे से पकने दें। बीच-बीच में करछी से चलाते रहें ताकि दूध बर्तन के तले में न लगे।
बीच-बीत में चेक करते रहें। जब मखाने एकदम नरम हो जाएं और दूध गाढ़ा होकर रबड़ी जैसा दिखने लगे, तब इसमें चीनी और इलायची पाउडर मिला दें। चीनी घुलने तक इसे 2-3 मिनट के लिए और पकाएं।
अब इसमें कटे हुए सूखे मेवे (काजू, बादाम, पिस्ता, किशमिश) डाल दें और अच्छी तरह मिला लें। आप चाहें तो मेवों को अलग से घी में रोस्ट करके भी ऐड कर सकते हैं। आपकी स्वादिष्ट मखाना खीर बनकर बिल्कुल तैयार है। अब आप गैस बंद कर सकते हैं। गर्मियों में ठंडी-ठंडी खीर मुंह में मिठास घोल देगी।
