सैन्य गरिमा और देशभक्ति से ओतप्रोत होकर दी शहीदों को श्रद्धांजलि

जबलपुर: स्टेशन वॉर मेमोरियल, जबलपुर की सुबह 16 दिसंबर को एक विशेष गरिमा से भरी थी। धूप की हल्की किरणों के बीच तिरंगे की छाया में 54वां विजय दिवस समारोह पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ मनाया गया। मुख्यालय मध्य भारत एरिया द्वारा आयोजित इस समारोह में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को स्मरण करते हुए पुष्पांजलि अर्पित की गई।समारोह के मुख्य अतिथि मेजर जनरल संजय गौतम, चीफ ऑफ स्टाफ, मुख्यालय मध्य भारत एरिया रहे। उनके साथ विशिष्ट पूर्व सैनिक, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी तथा सशस्त्र बलों के सेवारत जवान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। जैसे ही शहीदों की स्मृति में पुष्पचक्र अर्पित किए गए, पूरा परिसर भारत माता की जय और देशभक्ति की भावना से गूंज उठा।
अनुशासन, शौर्य और संकल्प की जीवंत झलक
समारोह के दौरान सैन्य अनुशासन, शांत गरिमा और राष्ट्रभक्ति की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। उपस्थित पूर्व सैनिकों की आंखों में गर्व और स्मृतियों की झलक थी, वहीं युवा सैनिकों के चेहरे पर देश की रक्षा के प्रति अटूट संकल्प साफ नजर आया।
1971 की ऐतिहासिक विजय को किया गया स्मरण
विजय दिवस, जो प्रतिवर्ष 16 दिसंबर को मनाया जाता है, वर्ष 1971 के भारत–पाक युद्ध में भारत की ऐतिहासिक जीत का प्रतीक है। इसी दिन भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य और रणनीतिक कौशल के सामने पाकिस्तान सेना ने लगभग 93,000 सैनिकों सहित बिना शर्त आत्मसमर्पण किया था। इस विजय ने न केवल पूर्वी पाकिस्तान को मुक्त कराया, बल्कि एक संप्रभु राष्ट्र बांग्लादेश के निर्माण का मार्ग भी प्रशस्त किया।
ऐतिहासिक विजय की दिलाई याद, दिया संदेश
यह आयोजन भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस, उच्च पेशेवर दक्षता और राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा का प्रतीक बनकर सामने आया। 54वां विजय दिवस समारोह ने ऐतिहासिक विजय की याद दिलाया और संदेश दिया कि राष्ट्र अपने युद्ध नायकों के बलिदान को कभी नहीं भूलता।

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