सतना: मैहर जिले के रामनगर क्षेत्र में स्थित बाणसागर जल विद्युत गृह के झिन्ना पावर हाउस के स्टोर रुम से 23.64 लाख रु की विद्युत सामग्री की चोरी की कहानी झूठी साबित हुई. पुलिस और फोरेंसिक टीम ने सिलसिलेवार तथ्य सामने रखते हुए झूठी कहानी की कलई खोल कर रख दी. जिसके चलते तत्कालीन और वर्तमान दोनों स्टोर प्रभारी के विरुद्ध चोरी की मनगढ़ंत घटना बताकर आपराधिक न्यास भंग करने का अपराध दर्ज कर लिया गया है.
पुलिस अधीक्षक मैहर अवधेश सिंह से प्राप्त जानकारी के अनुसार रामनगर थाना क्षेत्र में स्थित बाणसागर जल विद्युत गृह कमांक 4 के झिन्ना पावर हाउस के स्टोर रुम में चोरी की घटना सामने आई थी. जिसकी शिकायत म प्र पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड के सहायक यंत्री और सिलपरा एवं झिन्ना के भण्डार प्रभारी अंकित सोनी द्वारा की गई थी. स्टोर प्रभारी अंकित सोनी द्वारा अपनी शिकायत में यह बताया गया कि जल विद्युत गृह क. 4 के झिन्ना पावर हाउस स्थित स्टोर रुम मेंरखे कीमती विद्युत उपकरण चोरी हो गए. स्टोर प्रभारी द्वारा बताया गया.
अज्ञात चोरों ने पीछे की दीवार से चढक़र स्टोर में रखे विद्युत उपकरणों को खिडक़ी की जाली से नीचे फेंक दिए और फिर उसे अपने साथ ले गए. स्टोर से चोरी गए विद्युत उपकरणों की कुल कीमत 23 लाख 64 हजार 695 रु बताई गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए विद्युत गृह झिन्ना की जांच विभागीय स्तर पर 4 सदस्यीय दल द्वारा शुरु की गई. विभागीय जांच रिपोर्ट में घटना में किसी विभागीय व्यक्ति की संलिप्तता पाई गई.
मामले में पेंच फंसता देख पुलिस अधीक्षक मैहर स्वयं मौके पर पहुंच गए और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद रामनगर थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए. इतना ही नहीं बल्कि चोरी की घटना संदिग्ध नजर आने पर फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया. फोरेंसिक प्रभारी महेंद्र पटेल ने भी घटनास्थल की बारीकी से जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की. पुलिस और फोरेंसिक टीम की जांच में यह सनसनीखेज खुलासा सामने आया कि बाहर से आए चोरों द्वारा विद्युत उपकरण चुरा ले जाने के बजाए विभागीय अधिकारियों की साठ-गांठ से चाबी से ताल खोलकर उपकरण बाहर निकाले गए हैं.
घटना का हुआ रिक्रियेशन
पुलिस-फोरेंसिक टीम की जांच में यह तथ्य सामने आया कि जिस खिडक़ी से चोरी का सामान फेंकने की बात कही गई थी. उसकी जाली जंग खाई हुई थी और जाली को काटने के ताजा निशान नहीं थे. खिड़ी से जमीन की ॅऊंचाई 35 फीट थी. जहां से दीवार पर चढऩे और स्टोर से सामान निकालकर फेंकने के कोई निशान नजर नहीं आए. जिसे देखते हुए वहां पर मौजूद गार्ड के माध्यम से चोरी हुए स्टेटर वार क्वायल को चुराकर बाहर ले जाना अथवा फेंकना की घटना रिक्रियेट कराई गई. परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर इस नतीजे पर पहुंचाय गया कि किसी बाहरी व्यक्ति के द्वारा दूसरी मंजिल तक चढऩा और स्टोर में रखे उपकरणों को चुरा ले जाना संभव नहीं है. लिहाजा तत्कालीन और वर्तमान दोनों स्टोर प्रभारी के विरुद्ध धारा 316 2-5 बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण दर्ज करते हुए विवेचना शुरु कर दी गई.
