
तिरुवनंतपुरम। प्रसिद्ध अभिनेत्री शबाना आज़मी ने कहा है कि कलाकारों के पास अपनी एक मजबूत आवाज होती है और यदि वे उसे समाज के हित में इस्तेमाल नहीं करते तो यह उनकी बड़ी जिम्मेदारी से पीछे हटने जैसा है। केरल में आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत करते हुए उन्होंने कला और सामाजिक जिम्मेदारी के रिश्ते पर खुलकर विचार रखे।
अपने बेबाक बयानों के लिए जानी जाने वाली शबाना आज़मी ने मंच से कहा कि कलाकार केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं होते, बल्कि वे समाज की सोच और दिशा को भी प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने अपने पुराने अनुभवों का जिक्र करते हुए बताया कि कई दशक पहले भी उन्होंने अन्याय के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई थी और आज भी वही सोच उनके साथ कायम है।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कला का उद्देश्य सिर्फ तालियां बटोरना नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदनाओं को जगाना भी होना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि जब भी किसी कलाकार ने अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाई है, वह क्षण इतिहास में दर्ज हो जाता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनता है।
शबाना आज़मी का यह वक्तव्य ऐसे समय आया है जब अक्सर सार्वजनिक मुद्दों पर कलाकारों की चुप्पी को लेकर बहस छिड़ती रहती है। उनके विचारों ने एक बार फिर इस चर्चा को हवा दी कि सिनेमा और रंगमंच से जुड़े लोगों की सामाजिक जिम्मेदारी कितनी अहम है और उनकी आवाज समाज में बदलाव का जरिया बन सकती है।
