
मुंबई: भारतीय टी20 कप्तान सूर्य कुमार यादव ने टीम संयोजन को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। सूर्या के अनुसार, युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा की टीम में संभावित वापसी ने मध्यक्रम की प्रतिस्पर्धा को और बढ़ा दिया है, जिससे खराब फॉर्म से जूझ रहे संजू सैमसन के लिए प्लेइंग इलेवन में जगह बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
तिलक वर्मा का बढ़ता कद
तिलक वर्मा ने हाल के समय में अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं और कप्तान का भरोसा जीता है। उनकी तकनीक, दबाव में खेलने की क्षमता और पार्ट-टाइम गेंदबाजी का विकल्प उन्हें एक ‘कम्पलीट पैकेज’ बनाता है। सूर्यकुमार यादव ने माना कि तिलक जैसा खिलाड़ी जब वापसी करता है, तो टीम को मजबूती मिलती है, लेकिन साथ ही इससे टीम चयन की सिरदर्दी भी बढ़ जाती है।
संजू सैमसन के लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति
दूसरी ओर, संजू सैमसन के लिए समय निकलता जा रहा है। प्रतिभाशाली होने के बावजूद, सैमसन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी फॉर्म में निरंतरता नहीं ला पाए हैं।
फॉर्म का अभाव: पिछले कुछ मैचों में सैमसन सस्ते में आउट हुए हैं।
प्रतिस्पर्धा: टीम में ध्रुव जुरेल और जितेश शर्मा जैसे खिलाड़ियों के उभार ने भी सैमसन पर दबाव बनाया है।
सूर्या का रुख: कप्तान ने स्पष्ट किया कि टीम मैनेजमेंट ‘इम्पैक्ट’ और ‘कन्सिस्टेंसी’ को प्राथमिकता देगा।
”जब तिलक जैसा टैलेंट उपलब्ध हो, तो आप उसे नजरअंदाज नहीं कर सकते। इससे टीम में हेल्दी कॉम्पिटिशन बढ़ता है, लेकिन निश्चित रूप से यह उन खिलाड़ियों के लिए कठिन हो जाता है जो फिलहाल रन नहीं बना पा रहे हैं।” — सूर्य कुमार यादव
क्या होगा आगे?
आगामी टी20 सीरीज में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या मैनेजमेंट सैमसन को एक और मौका देता है या तिलक वर्मा को सीधे अंतिम एकादश में शामिल कर भविष्य की तैयारी शुरू करता है। फिलहाल, पलड़ा तिलक वर्मा की ओर झुकता नजर आ रहा है।
