राजनीतिक पटल पर फिर मालवा-निमाड़ की तूती

मालवा- निमाड़ की डायरी

संजय व्यास

शाजापुर से श्याम टेलर की भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष पद पर ताजपोशी से राजनीतिक पटल पर फिर मालवा-निमाड़ का पलड़ा भारी रहा. उज्जैन से मुख्यमंत्री मोहन यादव, मंदसौर-नीमच से उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा भाजपा ने दे रखे हैं, वहीं इंदौर से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, हाल ही में नियुक्त प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना सेतिया और धार-गंधवानी से नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार व झाबुआ से राष्ट्रीय आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष विक्रांत भूरिया होने से सियासत में मालवा-निमाड़ की तूती बोल रही है. नवनियुक्त भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष श्याम टेलर अब तक इसी इकाई के शाजापुर जिलाध्यक्ष थे.

प्रदेशाध्यक्ष बनाने में वे संगठन की पहली पसंद थे. विद्यार्थी परिषद से लेकर युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष तक उनके टीम वर्क की खूबी, पार्टी अभियानों में उनकी सफलतम भूमिका उन्हें पार्टी नेतृत्व की नजर में अग्रणी लाने में मददगार साबित हुई. शीर्ष नेतृत्व ने युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए कई नामों पर विचार किया, जिसमें श्याम टेलर की नेतृत्व क्षमता से प्रभावित होकर अंतत: उन्हें इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त कर दिया. वैसे श्याम टेलर भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के खास माने जाते हैं. वह अभाविप की छात्र राजनीति के समय से ही वीडी शर्मा से जुड़े हैं. टेलर को युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष बनाए जाने में भी उनकी खास भूमिका मानी जाती है. वहीं जिले में टेलर का सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी और विधायक अरुण भीमावद से भी तालमेल अच्छा रहा है.

जिले को मिला दूसरी बार अध्यक्ष

शाजापुर शहर से यह पहला अवसर होगा जब युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष शहर की माटी से किसी युवा को बनाया गया है. साथ ही भारतीय जनता युवा मोर्चा के इतिहास में पहली बार हुआ है कि महज 28 वर्ष की उम्र में ही किसी को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी गई. इतनी छोटी उम्र में श्याम टेलर को भाजपा संगठन ने इतना बड़ा पद दिया. हालांकि चार दशक पहले विजेंद्र सिंह सिसौदिया युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं, लेकिन वे शुजालपुर से आते थे. अब प्रदेश भाजपा के दो मंत्री के बाद अब सबसे भारी भरकम युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष भी शाजापुर को मिला. भाजपा संगठन ने उन पर भरोसा जताकर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है लिहाजा उनकी राह भी आसान नहीं रहने वाली. भाजपा युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अब उनका काम केवल संगठन विस्तार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि युवाओं को सियासत, राष्ट्रहित और विकास के मुद्दों से जोडऩे की चुनौती भी उनके सामने होगी.

खुद की गरिमा गिरा गए खेर

विगत दिनों मंदसौर में आयोजित पशुपतिनाथ महादेव मेले में ख्यात गायक का बरताव गरिमापूर्ण नहीं था. उनकी उटपटांग टिप्पणियां जनता को आहत कर गई. मेले में कार्यक्रम प्रस्तुति देने पहुंचे गायक कैलाश खेर ने मंच से कुछ ऐसी बातें कहीं जो लोगों में उनकी नकारात्मक छबि पेश कर गई. उन्होंने नगर पालिका को गरीब और कंजूस कहा और इसके साथ ही नगर पालिका अध्यक्ष और पार्षदों को अयोग्य तक कह दिया, उन्होंने विधायक तक के नाम को लेकर मजाक उड़ाया. उन्होंने भगवान पशुपतिनाथ का भी ध्यान नहीं रखा. सारा मामला मनमानी फीस न मिलने से जुड़ा बताया जा रहा है. यह एक सामाजिक- धार्मिक कार्यक्रम था. ऐसे में उनका ऐसा व्यवहार लोगों की अपेक्षा के विपरित रहा. लोगों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा, बल्कि क्षेत्र से लेकर देशभर में सोशल मीडिया पर किए जा रहे ट्रोल से उनकी इमेज ही बिगड़ रही है

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