सजा बाजार, फायर वाटर टैंक गन और फरसा बच्चों की पहली पसंद 

दमोह. शहर में होली पर्व के लिए बाजार सजा हुआ है। जिसके चलते हृदय स्थल घंटाघर, बकौली चौराहा, कचौरा बाजार, उमा मिस्त्री की तलैया, टाउन हाल के अलावा मुख्य मार्गों पर रंग-गुलाल और पिचकारियों की दुकानें सज गई हैं.इस बार लेटेस्ट ट्रेंड में वाटर गन, टैंक गन, एके 47 गन से लेकर हथौड़ा, फरसा जैसी दिखने वाली पिचकारियो की भरमार है. जो बच्चों को काफी पसंद आ रही हैं. इसके अलावा डोरीमान, स्पाइडर मैन, आयरन मैन जैसे कार्टून किरदारों वाली पिचकारियां भी बच्चे खरीद रहे हैं. स्कूल बैग की तरह टैंकर नाम से पिचकारी आई है. जिसे बच्चे पीठ पर बांधकर उसमें पानी भरकर पिचकारी चला सकते हैं.जब तक टैंकर में पानी भरा रहेगा, तब तक पिचकारी चलती रहेगी. जिसकी कीमत 800 रुपए बताई जा रही है. इसी प्रकार एके-47 बंदूक की तरह पिचकारी को आकार देकर उसमें पानी भरकर चला सकते हैं. इसकी कीमत भी 700 रुपए है. वहीं हथौड़ा व फरसा वाली पिचकारी 80 रुपए से लेकर 150 रुपए में उपलब्ध हैं.इसके अलावा कई तरह की पिचकारियां आई हैं. इस बार बाजार में 10 रुपए से लेकर 1200 रुपए तक की पिचकारिया उपलब्ध हैं. इसके अलावा तरह-तरह के मुखौटो, रंगीन टोपी भी बच्चे पसंद कर रहे है। विक्रेता शुभम असाटी, पारस असाटी, लखन दुबे के अनुसार इस बार गन के साथ पानी के टैंक की कई नई वैरायटी उपलब्ध हैं.छोटे बच्चों के लिए आधे से एक लीटर के टैंक आए हैं. जिनसे पानी भरकर लोग आसानी से पिचकारी से रंग फेंक सकते हैं. इसके अलावा इस बार पहली बार फायर गुलाल टैंक आया है. जो 3 किलो से लेकर 6 किलो तक के अलग-अलग सिलेंडर में उपलब्ध है. इसकी कीमत 400 रुपए से लेकर 1200 रुपए तक है.इसकी खासियत यह है कि यह आधा घंटे तक अलग-अलग रंगों की गुलाल को 5 से 8 फीट दूर तक धुएं के रूप में फेंकता है. जिससे आसपास का एरिया रंगों से भर जाता है.

20 प्रतिशत की वृद्धि

बदलते समय के साथ होली मनाने के तौर-तरीके में बदलाव आया है. इसे देखते हुए अब रंग-गुलाल में भी काफी बदलाव आ गया है. पांच साल पहले तक ज्यादातर लोग एक-दूसरे पर रंग डालते थे, लेकिन अब अब रंगो की जगह गुलाल ने ले ली है.जिसमें अब हर्बल गुलाल की मांग बढ़ रही है. नई पीढ़ी तो हर्बल गुलाल की डिमांड करने लगी है. बाजार में विभिन्न कंपनियों के हर्बल गुलाल उपलब्ध हैं. जो बाजार में 50 रुपए से लेकर 100 रुपए के पैकेट में मिल रहा है. जबकि खुला गुलाल 200 रुपए किलो में उपलब्ध है.

महंगाई का असर

होली के बाजार पर महंगाई का भी असर दिख रहा है,पिचकारी व रंग-गुलाल की कीमत में दस से बीस फीसदी तक का उछाल आया है.

विक्रेताओं के अनुसार इस बार स्वदेशी पिचकारियां बिक रही हैं. बीते वर्ष की तुलना में रंग-गुलाल व पिचकारियों की कीमत में दस से बीस फीसदी की वृद्धि हुई है.

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