
भोपाल। सेंट्रल जेल भोपाल में कैदियों के लिए आर्यिका रत्न सृष्टि भूषण माताजी ने आत्म मंथन प्रवचन सत्र में कहा कि जेल केवल सजा का स्थान नहीं बल्कि सुधार ग्रह है। उन्होंने कैदियों को पश्चाताप करने, अपने कर्म सुधारने और जीवन में गलत काम न करने का संदेश दिया। माताजी ने बताया कि जेल में आपका कर्म आपको सजा देता है, पर परिवार आपके अभाव में कठिनाइयाँ झेलता है। दुश्मनी समाप्त करने के लिए प्रतिशोध नहीं बल्कि समझ और संयम अपनाएं। खाली समय प्रभु के ध्यान में लगाकर जीवन सफल बनाया जा सकता है। कार्यक्रम में दिगंबर जैन महासभा के अध्यक्ष संजय जैन मुंगावली सहित पुलिस और जेल अधिकारी उपस्थित रहे। कैदियों में फलों का वितरण किया गया और महिला कैदियों व जेल अस्पताल में भी आशीर्वाद दिया गया।
