भोपाल। आठ माह तक प्रवास कर विद्या प्रमाण गुरुकुलम् को स्थापित करने वाले मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ने विदिशा के लिए मंगलविहार किया। गुरुकुलम् के पदाधिकारियों और बच्चों ने भावभीनी विदाई दी। मुनि श्री ने कहा कि अब गुरुकुलम् का विकास और बच्चों के भविष्य संवारे जाने की जिम्मेदारी सभी पर है। उन्होंने कार्य में कर्तव्यबोध और सहयोग बनाए रखने का आह्वान किया। महामंत्री अनुभव सराफ ने कहा कि अब गुरुकुलम् को मुनि श्री के बिना आगे बढ़ाना होगा। टीम सदस्यों ने एकजुट होकर कार्य करने और मुनि श्री की भावना में खरे उतरने का संकल्प व्यक्त किया। मुनि श्री ने आशीर्वाद देते हुए गुरुकुलम् के उज्जवल भविष्य की कामना की।
