मुंबई, 22 मई (वार्ता) मुंबई फिल्म कंपनी की राजा शिवाजी ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए सबसे तेज़ 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने वाली मराठी फिल्म बनने का रिकॉर्ड बनाया है। अभिनेता और निर्देशक रितेश देशमुख की मुख्य भूमिका वाली इस फिल्म ने इतिहास रचते हुए आधिकारिक रूप से भारत की सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्मों में अपना स्थान बना लिया है। यह ऐतिहासिक महाकाव्य फिल्म अब केवल सिनेमा नहीं रही, बल्कि एक सांस्कृतिक जनआंदोलन बन गई है, जिसे महाराष्ट्र और पूरे देश के दर्शकों से अपार प्रेम मिल रहा है। राजा शिवाजी को बॉक्स ऑफिस पर असाधारण सफलता दिलाने वाली बात है भरे हुए सिनेमाघर, दर्शकों द्वारा फिल्म को बार-बार देखना और बड़े स्तर पर मनाया जा रहा उत्सव, जो यह साबित करता है कि यह केवल मनोरंजन नहीं बल्कि एक भावनात्मक अनुभव भी है।
फिल्म को लेकर बढ़ते उत्साह के बीच फिल्म उद्योग के विशेषज्ञ इसे मराठी और भारतीय सिनेमा के लिए एक ऐतिहासिक परिवर्तन मान रहे हैं। उनका कहना है कि यह फिल्म साबित करती है कि क्षेत्रीय कहानियां भी राष्ट्रीय स्तर पर गहरा प्रभाव छोड़ सकती हैं। एक भव्य सिनेमाई प्रस्तुति होने के साथ-साथ राजा शिवाजी की जबरदस्त सफलता मुंबई फिल्म कंपनी की वर्षों की दूरदृष्टि, दृढ़ विश्वास और कहानी-प्रधान फिल्म निर्माण की सोच को भी दर्शाती है। जिनिलिया देशमुख और रितेश देशमुख के नेतृत्व में मुंबई फिल्म कंपनी ने खुद को भारत की सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी सबसे मजबूत और लगातार सफल निर्माण कंपनियों में स्थापित किया है।
पिछले 10 वर्षों में इस बैनर ने समीक्षकों द्वारा प्रशंसित और व्यावसायिक रूप से सफल फिल्मों की एक मजबूत विरासत बनाई है। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म बालक पालक, भावनात्मक रूप से प्रभावशाली फिल्म येलो और सुपरहिट मनोरंजक फिल्म लाई भारी जैसी फिल्मों के बाद अब राजा शिवाजी जनता की अपनी फिल्म बन चुकी है। इस ऐतिहासिक सफलता के साथ निर्माण संस्था ने न केवल एक ऐतिहासिक महाब्लॉकबस्टर फिल्म दी है, बल्कि भारतीय सिनेमा में प्रभावशाली और सशक्त कहानीकार के रूप में अपनी अलग पहचान भी स्थापित कर ली है।

