
सीधी । जिले में आज दोपहर अचानक मौसम का मिजाज बदलने से बारिश का दौर करीब एक घंटे तक चला। रामपुर नैकिन एवं कुसमी अंचल में ओले भी गिरे।
रामपुर नैकिन और कंधवार सहित आसपास के कुछ गांवों में ओलावृष्टि भी हुई। गनीमत यह रही कि छोटे आकार के गिरे ओलों से ज्यादा क्षति नहीं हुई। यह अवश्य है कि ओलावृष्टि के चलते सरसो की फसल को सर्वाधिक क्षति पहुंची है। सरसो की फलियां टूटकर खेतों में बिखर गईं। जिससे पैदावार में भारी कमी आने की आशंका है। वहीं मटर की फसल भी ओलावृष्टि से प्रभावित बताई गई है। तेज हवाओं और ओलावृष्टि से बालियां जमीन पर गिर गईं। जिससे उनके सडऩे का खतरा भी बन गया है। चने की फसल को भी नुकसानी होने से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। तत्संबंध में ओलावृष्टि प्रभावित कुछ किसानों का कहना था कि आज हुई ओलावृष्टि से चना और सरसो के साथ ही कुछ अन्य फसलों को भी क्षति पहुंची है। कुछ स्थानों में तेज हवाओं एवं ओलावृष्टि से आम के पेंड़ों में लगे छोटे फल भी टूटकर नीचे गिर गए। अधिकांश आम के पेंड़ों में इन दिनों बहुतायत में गौर लगे हुए हैं। ओलावृष्टि और तेज हवाओं के चलते इनके गिरने से आम की पैदावार भी संबंधित क्षेत्रों में प्रभावित हुई है। जिले में आज बारिश का दौर लगभग अधिकांश क्षेत्रों में चला। ओलावृष्टि की खबरें अधिकांश क्षेत्रों से नहीं मिली हैं। जिन क्षेत्रों में ओलावृष्टि नहीं हुई वहां के लिए आज हुई बारिश फसलों के लिए काफी अमृतमयी मानी जा रही है। बारिश के चलते किसानों को फिलहाल फसलों की सिंचाई करने से भी मुक्ति मिली है। वहीं मौसम में भी ठंडक आ जाने से फसलों की पैदावार को भी काफी लाभ होगा। आकाश में उमड़ रहे बादलों के चलते बारिश की संभावना आगे भी जताई जा रही है। किसानों की मुश्किलें यह है कि यदि ओलावृष्टि हुई तो उनकी मेहनत पर पानी फिर जाएगा।
