
भोपाल। दीपावली के बाद शहर में जमा हुए आतिशबाजी और पटाखों के कचरे के निपटान को लेकर इस बार नई व्यवस्था की गई है। पहली बार भोपाल से यह हैजार्डस वेस्ट (खतरनाक कचरा) धार जिले के पीथमपुर भेजा जाएगा, जहां इसे वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया जाएगा। भोपाल नगर निगम की अनुबंधित फर्म कंटेनरों के जरिए इस कचरे को वहां तक पहुंचाएगी।
अब तक दीपावली के पटाखों का कचरा आदमपुर छावनी स्थित साइंटिफिक लैंडफिल साइट में इनर्ट वेस्ट के साथ दफन किया जाता रहा है। लेकिन इस बार पर्यावरणीय दृष्टि से सुरक्षित निस्तारण की दिशा में यह कदम उठाया गया है।
नगर निगम की टीम ने मंगलवार सुबह से शहरभर में सफाई अभियान शुरू किया। लगभग 11 हजार सफाईकर्मी रातभर और सुबह से सक्रिय रहे, जो आतिशबाजी के अवशेषों को अन्य कचरे से अलग कर एकत्र कर रहे हैं। दीपावली की रात शहर में करीब 15 करोड़ रुपये के पटाखे फोड़े गए, जिससे लगभग 13 से 14 टन पटाखों का कचरा उत्पन्न हुआ।
सामान्य दिनों में भोपाल से लगभग 1,100 टन कचरा निकलता है, जो दीपावली के कारण बढ़कर करीब 1,400 टन तक पहुंच गया। नगर निगम ने सभी वार्डों में निर्देश दिए हैं कि पटाखों का कचरा अलग से एकत्र कर गार्बेज ट्रांसफर स्टेशनों में लाया जाए।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि आतिशबाजी के अवशेषों में बारूद और खतरनाक धातु युक्त कंपाउंड होते हैं, जिससे यह हैजार्डस वेस्ट श्रेणी में आता है। जले हुए पटाखों की कैलोरिफिक वैल्यू बहुत कम होती है, इसलिए इन्हें जलाकर नहीं, बल्कि नियंत्रित तकनीक से नष्ट करना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।
