भोपाल स्थित आलीशान ठिकाने से खुली डिप्टी कमिश्नर की काली कमाई की परतें, EOW ने 5.90 करोड़ की अवैध संपत्ति उजागर की

भोपाल:आदिम जाति कल्याण विभाग के डिप्टी कमिश्नर जगदीश सरवटे की काली कमाई का पर्दाफाश आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो की छापेमारी में हुआ, जिसमें सबसे चौंकाने वाले खुलासे भोपाल स्थित उनके निजी आवास से सामने आए। यहां से न सिर्फ नगदी और जेवर मिले, बल्कि करोड़ों की अचल संपत्ति और बीमा योजनाओं के दस्तावेजों ने भी उनके फर्जीवाड़े की गवाही दी। सरवटे के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए EOW ने जबलपुर, भोपाल और सागर में एक साथ छापे मारे थे।

भोपाल के बाग मुगलिया स्थित निजी आवास से 1.29 लाख रुपए नगद, 16.35 लाख रुपए के जेवरात, 1.50 लाख की एफडी, 23 लाख रुपए का लग्जरी घरेलू सामान, और 8.43 लाख रुपए के तीन वाहन बरामद हुए। इसके अलावा एक एमआईजी मकान और एक प्लॉट के दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 37.32 लाख रुपए आंकी गई है। सरवटे की जीवन बीमा (LIC) और एसबीआई लाइफ के भारी निवेशों की भी जानकारी सामने आई है, जिनका मूल्यांकन किया जा रहा है।

इन खुलासों ने यह साफ कर दिया है कि डिप्टी कमिश्नर सरवटे की आय उनकी सरकारी तनख्वाह से कई गुना अधिक है। प्रारंभिक जांच में यह संपत्ति करीब 5 करोड़ 90 लाख रुपए तक पहुंच चुकी है। EOW की रिपोर्ट के अनुसार, यह आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है क्योंकि कई संपत्तियों और दस्तावेजों का मूल्यांकन जारी है।
जबलपुर और सागर में भी बड़ी बरामदगी
जबलपुर स्थित शंकर शाह नगर के शासकीय आवास और अधारताल के निजी मकान में छापे के दौरान 7.04 लाख रुपए नगद, 3.17 करोड़ की 17 अचल संपत्तियों के दस्तावेज, 20.41 लाख रुपए का घरेलू सामान और 1.08 लाख रुपए की 56 महंगी शराब की बोतलें जब्त की गईं। वहीं, सरवटे की मां और भाई के नाम पर भी करोड़ों की अचल संपत्ति दर्ज पाई गई है।
ऐसे की गई कार्रवाई
EOW के डीएसपी ए.के. सिंह ने बताया कि सरवटे के खिलाफ लंबे समय से आर्थिक अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही थीं। जांच के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद जबलपुर की तीन और सागर की एक टीम ने एक साथ कार्रवाई को अंजाम दिया।
लंबे समय तक जबलपुर में पदस्थ, हाल ही में हुआ सागर स्थानांतरण
सरवटे ने अधिकांश सेवाएं जबलपुर में दी हैं और हाल ही में उन्हें सागर स्थानांतरित किया गया है। वर्तमान में वे आदिम जाति कल्याण विभाग के डिप्टी कमिश्नर के साथ-साथ परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र जबलपुर के प्रभारी भी हैं।

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