नयी दिल्ली, 07 अगस्त (वार्ता) डुंडी में शुक्रवार को स्कॉटलैंड और कनाडा के बीच मैच के साथ ही पुरुष वनडे के 5000 मुक़ाबले पूर्ण हो गए।
इस प्रारूप का जन्म जनवरी 1971 में हुआ था और इन 55 वर्षों में प्रारूप में लगातार बदलाव आया है। पांच हज़ार मुक़ाबलों को हज़ार-हज़ार के अलग समूह में बांटकर एक बेहतर तस्वीर पेश करने की कोशिश की गई है। पहले तीन वनडे विश्व कप में प्रति टीम 60 ओवर के मुक़ाबले खेले जाते थे जबकि इंग्लैंड में होने वाले दो देशों के बीच मुक़ाबले प्रति टीम 55 ओवर के मुक़ाबले होते थे।
ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और पाकिस्तान में शुरुआती मुक़ाबले प्रति टीम 40 और 35 ओवर के मुक़ाबले होते थे, जिसमें एक ओवर में आठ गेंदें होती थीं। एशिया में प्रति टीम 40 ओवर के मुक़ाबले होते थे जिसमें एक ओवर में छह गेंदें होती थीं। पिछला पुरुष वनडे मुक़ाबला जो कि 50 ओवर का मुक़ाबला नहीं था, वो 1995 में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज़ के बीच मुक़ाबला खेला गया था। 1995 में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज़ के बीच खेला गया यह मुक़ाबला 1002वां वनडे था और यह प्रति टीम 55 ओवर का मुक़ाबला था।
पहले 24 वर्षों में 1000 वनडे और अगले 31 वर्षों में 4000 वनडे
1000वां वनडे मैच 1995 में उसी इंग्लैंड-वेस्टइंडीज़ सीरीज़ के दौरान नॉटिंघम में खेला गया था जो कि रिज़र्व डे तक गया था। पहले 1000वें मुक़ाबले तक पहुंचने के लिए 24 वर्षों का इंतज़ार करना पड़ा और अगले 31 वर्षों में चार हज़ार वनडे खेले गए।
अगले 1000 हज़ार वनडे आठ वर्षों के अंतराल पर खेले गए, जिसमें पहले 1000 वनडे के मुक़ाबले एक तिहाई कम समय लगा। टी 20 प्रारूप के आगमन के बावजूद वनडे खेले जाने की निरंतरता में सीधे तौर पर कमी नहीं आई।
2007 में कुल 191 वनडे खेले गए जिस साल पहली बार टी 20 विश्व कप खेला गया था, इस साल एक साल में सबसे ज़्यादा वनडे खेले गए थे और ऐसा करते हुए 2006 में खेले गए सर्वाधिक 160 वनडे का रिकॉर्ड पीछे छूट गया था। अगले 1000 वनडे 2630 दिनों के अंतराल पर खेले गए जो कि किसी भी ब्लॉक में लिए गए सबसे कम दिन थे।
2023 में खेले गए सबसे हालिया वनडे विश्व कप ने एक साल में सर्वाधिक मुक़ाबलों का रिकॉर्ड तोड़ दिया, इस साल 218 वनडे मुक़ाबले खेले गए। इसके पिछले साल भी 161 वनडे खेले गए थे। लेकिन 1000 वनडे के पांचवें ब्लॉक को पूर्ण करने में 3063 दिन लग गए। 2020 में आई महामारी, टी 20 लीगों का बढ़ना, द्विपक्षीय सीरीज़ कम खेला जाना और अन्य कारण वनडे की संख्या में आई कमी की वजह रहे हैं।
