चंडीगढ़, 07 अगस्त (वार्ता) राउंडग्लास हॉकी अकादमी के फॉरवर्ड गुरसेवक सिंह का एशियन हॉकी फेडरेशन के जूनियर एशिया कप 2026 के लिए भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम में चयन हुआ है। प्रतियोगिता 30 अगस्त से 13 सितंबर तक चीन के मोकी में आयोजित की जाएगी।
गुरसेवक उन 18 खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्हें हॉकी इंडिया ने महाद्वीपीय प्रतियोगिता के लिए चुना है। डिफेंडर अनमोल एक्का को टीम का कप्तान बनाया गया है। यह चयन भारतीय जूनियर राष्ट्रीय टीम के साथ गुरसेवक की निरंतर प्रगति में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है।
गुरसेवक ने वर्ष 2024 में पहली बार राष्ट्रीय जूनियर टीम के सेटअप में अपनी पहचान बनाई थी। मई 2024 में भारतीय जूनियर पुरुष टीम के यूरोपीय दौरे के बाद उन्हें जून 2024 में आयोजित जूनियर पुरुष राष्ट्रीय कोचिंग कैंप के लिए हॉकी इंडिया की 40 सदस्यीय कोर संभावित खिलाड़ियों की सूची में शामिल किया गया था। इस यूरोपीय दौरे के दौरान भारतीय जूनियर पुरुष टीम ने बेल्जियम, जर्मनी और डच क्लब टीम ब्रेडासे हॉकी वेरेनिगिंग पुश के खिलाफ पांच मुकाबले खेले थे।
घरेलू स्तर पर भी गुरसेवक का प्रदर्शन लगातार प्रभावशाली रहा है, जहां वह राउंडग्लास हॉकी अकादमी के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। उन्होंने राउंडग्लास हॉकी अकादमी की उन टीमों की कप्तानी भी की है, जिन्होंने राष्ट्रीय अकादमी प्रतियोगिताओं में सफलता हासिल की है। 2023 में आयोजित पहली हॉकी इंडिया जूनियर एवं सब-जूनियर पुरुष अकादमी चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में उन्होंने चार गोल दागे थे।
जुलाई 2026 में गुरसेवक को भारतीय जूनियर पुरुष टीम के साथ एक और अंतरराष्ट्रीय अवसर मिला, जब उन्हें भारतीय जूनियर पुरुष टीम के बेल्जियम दौरे के लिए चुना गया। 5 से 18 जुलाई तक हुए इस दौरे में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, जर्मनी और नीदरलैंड्स के खिलाफ मुकाबले खेले। इस दौरे ने गुरसेवक को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने और अनुभव हासिल करने का एक और महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया।
गुरसेवक का ताजा चयन राउंडग्लास हॉकी अकादमी की विकास प्रणाली और भारतीय जूनियर राष्ट्रीय टीम के सेटअप में उनकी लगातार प्रगति का परिणाम है। बेल्जियम दौरे के बाद उन्हें मिली यह जिम्मेदारी जूनियर एशिया कप की तैयारियों का भी अहम हिस्सा है।
जूनियर एशिया कप में एशिया की शीर्ष जूनियर हॉकी टीमें हिस्सा लेंगी। भारत की नजरें मोकी में मजबूत प्रदर्शन करने पर होंगी। वहीं, गुरसेवक के लिए यह प्रतियोगिता महाद्वीपीय स्तर पर अनुभव हासिल करने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने विकास को आगे बढ़ाने का एक और महत्वपूर्ण अवसर होगी।
