बढ़ती गर्मी और हीटवेव के चलते शरीर को ठंडा और हाइड्रेटेड रखना बेहद जरूरी हो जाता है। अगर आप भी तेज गर्मी में खुद को सुरक्षित रखना चाहते हैं तो रोजाना कुछ खास देसी ड्रिंक्स का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है।

उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। जब तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच जाता है तो केवल बाहरी सुरक्षा काफी नहीं होती। इस मौसम में सबसे बड़ी चुनौती शरीर के आंतरिक तापमान को नियंत्रित रखने और खुद को हाइड्रेटेड रखने की होती है। लू न केवल थकान पैदा करती है बल्कि यह हीट स्ट्रोक जैसी जानलेवा स्थिति का कारण भी बन सकती है।

हीटवेव से बचने के लिए केवल पानी पीना काफी नहीं है। इसके लिए कुछ देसी ड्रिंक्स को अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाकर आप गर्मी में भी खुद को तरोताजा और सुरक्षित रख सकते हैं। स्वस्थ खान-पान ही गर्मियों की बीमारियों से बचने का सबसे सस्ता और प्रभावी रास्ता है।

बेल का शरबत: बेल को आयुर्वेद में गर्मी का सबसे बड़ा दुश्मन माना गया है। फाइबर और विटामिन सी से भरपूर बेल का शरबत न केवल शरीर को ठंडा रखता है, बल्कि पाचन तंत्र को भी दुरुस्त करता है। यह पेट की जलन और हीट स्ट्रोक से बचने का सबसे अचूक उपाय है।

सत्तू का शरबत: भुने हुए चने से बना सत्तू गर्मियों में किसी वरदान से कम नहीं है। इसमें प्रोटीन और फाइबर प्रचुर मात्रा में होते हैं। इसे पानी, नींबू के रस और काला नमक के साथ मिलाकर पीने से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है और लू लगने का खतरा लगभग खत्म हो जाता है।

आम पन्ना: कच्चे आम से बना यह पेय हर भारतीय घर की पसंद है। आम पन्ना शरीर में सोडियम और जिंक की कमी को पूरा करता है जो पसीने के जरिए बाहर निकल जाते हैं। यह न केवल स्वाद में लाजवाब है बल्कि बैक्टीरिया से लड़ने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी सहायक है।

छाछ: मसाला छाछ या मट्ठा गर्मियों के लिए सबसे हल्का और प्रभावी ड्रिंक है। इसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स आंतों को ठंडा रखते हैं। भुना हुआ जीरा और पुदीना मिलाकर पीने से यह शरीर के तापमान को मिनटों में नीचे ले आता है।

गोंद कतीरा का शरबत: गोंद कतीरा अपनी शीतल तासीर के लिए मशहूर है। इसे रात भर पानी में भिगोकर रखने के बाद दूध या शरबत में मिलाकर पीने से शरीर की जलन शांत होती है। यह गर्मियों में होने वाली नाक से खून आने की समस्या को भी रोकता है।
