नयी दिल्ली, (वार्ता) दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) के 75 रन पर ढेर होने और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के ख़िलाफ़ बड़ी हार झेलने के बाद पीयूष चावला ने कहा है कि यह “डीसी के लिए घबराने का समय नहीं है बल्कि उन्हें यह सब भूलकर नए सिरे से शुरुआत करनी होगी।”
ईएसपीएन क्रिकइंफो के टाइमआउट शो पर चावला ने कहा, “दिल्ली कैपिटल्स के इतिहास को देखते हुए थोड़ी घबराहट जरूर होगी, लेकिन अभी घबराने के लिए यह सही समय नहीं है। उन्हें साथ बैठना होगा, इस पर चर्चा करनी होगी और नए सिरे से शुरुआत करनी होगी क्योंकि उन्होंने टूर्नामेंट की शुरुआत काफ़ी अच्छी तरीके से की थी। ऐसा नहीं है कि तीन सप्ताह में टीम बदल गई है या उनके खेलने का तरीका बदल गया है।”
आईपीएल में अपना सर्वोच्च स्कोर बनाने के सिर्फ़ दो दिन बाद, डीसी अरुण जेटली स्टेडियम में आरसीबी के ख़िलाफ़ अपने तीसरे सबसे कम स्कोर पर सिमट गई थी। टीम ने सीजन की शुरुआत लगातार दो जीत के साथ की थी, लेकिन अगले छह मैचों में वे केवल एक जीत हासिल कर सके। महत्वपूर्ण मौक़ों पर कैच छोड़ना भी उन्हें भारी पड़ रहा है। शनिवार को करुण नायर ने श्रेयस अय्यर के दो कैच छोड़े, जिसके बाद पंजाब किंग्स ने टी20 इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन चेज़ पूरा किया।
चावला ने कहा, “टूर्नामेंट के अंतिम दौर में जब वे पीछे मुड़कर देखेंगे, तो अगर वे प्लेऑफ में क्वालिफ़ाई नहीं कर पाए, तो वे दो अंक (जीटी के ख़िलाफ़ एक रन की हार) निश्चित रूप से उन्हें परेशान करेंगे। इसलिए अभी समय है कि वे सब कुछ भूलकर आगे बढ़ें, सकारात्मक क्रिकेट खेलें और यह सुनिश्चित करें कि ड्रेसिंग रूम में बहुत सकारात्मक माहौल बना रहे क्योंकि इसका बहुत बड़ा असर पड़ता है।
“जब चीज़ें आपके पक्ष में नहीं जा रही होतीं, तो किसी भी टीम के लिए बिखर जाना बहुत आसान होता है और फिर पीछे से बातें शुरू हो जाती हैं कि इस खिलाड़ी ने ऐसा किया होता, उस खिलाड़ी ने वैसा किया होता, उसने वह सिंगल लिया होता या वह कैच पकड़ लिया होता।”
पिछले सीजन में भी डीसी ने लगातार चार जीत के साथ शुरुआत की थी, लेकिन अगले दस मैचों में सिर्फ़ तीन जीत दर्ज कर पाए। अंततः वे पांचवें स्थान पर रहे और प्लेऑफ़ में जगह बनाने से चूक गए, जिसमें उन्होंने आख़िरी बार 2021 में जगह बनाई थी।
चावला ने कहा, “डीसी के लिए सबसे मुश्किल काम है साथ बैठना, इस पर बात करना, और कहना कि ‘ठीक है, अब वह बीत गया। ये चीजें अब हमारे नियंत्रण में नहीं हैं, और फिर भी हम अभी भी टूर्नामेंट में बने हुए हैं। हम टूर्नामेंट से बाहर नहीं हुए हैं और हम वही टीम हैं, जिसने पहले अच्छा प्रदर्शन किया है। पिछले साल भी हमने लगातार चार-पांच मैच जीते थे, फिर भी क्वालिफ़ाई नहीं कर पाए। लेकिन इस साल हमें इतिहास बदलना होगा, मैदान पर जाकर ख़ुद को खुलकर व्यक्त करना होगा, और सकारात्मक इरादे के साथ खेलना होगा।’
“फ़िलहाल अभी यही कहा जा सकता है क्योंकि यह स्किल लेवल की बात नहीं है। यहां हर खिलाड़ी बेहद कुशल है, तभी वह यहां खेल रहा है। बात सिर्फ़ सकारात्मक बने रहने की है। यहां कप्तान को पहल करनी होगी ताकि पूरी टीम एकजुट रहे।”
डीसी अब अगला मुक़ाबला 1 मई को जयपुर में राजस्थान रॉयल्स (RR) के ख़िलाफ खेलेगी।
