
बुधनी। सार्थक एप में गड़बड़ी कर फर्जी तरीके से उपस्थिति दर्ज कराए जाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. ब्लॉक के संलिप्त डॉक्टरों की उक्त माह की उपस्थिति शून्य घोषित कर उनका वेतन रोक दिया गया है.
सीएमएचओ डॉ. सुधीर देहरिया के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई. सीबीएमओ डी बड़ोदिया ने बताया कि विभागीय ऑनलाइन समीक्षा में सार्थक एप के माध्यम से फर्जी उपस्थिति दर्ज कराए जाने की बात सामने आई थी. जिसमें पाया गया कि कुछ अनुबंधित डॉक्टरों द्वारा फर्जी तरीके से एप में अपनी फोटो अपलोड कर बिना ड्यूटी आए उपस्थिति दर्ज की.
शासन के निर्देश पर पूरे जिले में जांच के बाद 32 अनुबंधित डॉक्टरों पर कार्रवाई की गई है. इनमें सिविल अस्पताल के भी डॉक्टर शामिल हैं, जिनमें डॉ. विश्वजीत भारती का नाम प्रमुख रूप से सामने आया था. डॉ. देहरिया ने सभी संबंधित डॉक्टरों को तीन दिवस में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं. विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अक्टूबर माह का मानदेय केवल स्पष्टीकरण और दोषमुक्तता के आधार पर ही जारी किया जाएगा.
गौरतलब है कि यह मामला हाल ही में नवभारत में समाचार प्रकाशित होने के बाद उजागर हुआ था. सीएमएचओ डॉ सुधीर डहरिया ने भी पुष्टि कर करते हुए कहा कि उक्त अवधि के दौरान वेतन रोका गया है और हाजरी शून्य घोषित की गई है.
