
भोपाल। यूनाइटेड मलयाली एसोसिएशन द्वारा बिट्टन मार्केट दशहरा ग्राउंड में गुरुवार शाम चार दिवसीय केरल फेस्ट 2025 का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई सी. पटेल ने किया। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव भारत की विविधता और एकता का सजीव उदाहरण है। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने की। इस अवसर पर यूएमए अध्यक्ष ओ. डी. जोसेफ ने कहा कि यह आयोजन संगठन की 41 वर्षों की सेवा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उत्सव में पहले दिन की शुरुआत पारंपरिक थिरुवातिराकली नृत्य से हुई, जिसमें भोपाल की सौ से अधिक महिलाओं ने पारंपरिक परिधान में शानदार प्रस्तुति दी। इसके बाद यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त नृत्य-नाट्य मुडियेट्टू और कलारिपयट्टु मार्शल आर्ट के प्रदर्शन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही नाबार्ड समर्थित स्वयं सहायता समूहों द्वारा हस्तनिर्मित वस्तुएं और आयुर्वेदिक उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए। पहले दिन केरल फेस्ट 2025 ने अपनी रंगीन प्रस्तुतियों और स्वादिष्ट व्यंजनों से भोपालवासियों का दिल जीत लिया।
केरला व्यंजनों में दिखी दिलचस्बी
उत्सव में फूड और हैंडीक्राफ्ट फेयर भी आकर्षण का केंद्र रहा। लोगों ने केले के पत्तों में परोसी जाने वाली साद्या के साथ इडली-सांबर, वड़ा, मसाला डोसा, पलाप्पम, इडियप्पम और कडाला करी, केला फ्राई, कुम्बलप्पम, कप्पा चटनी, परिप्पु वड़ा जैसे व्यंजनों का स्वाद लेकर केरल की पाक संस्कृति का आनंद लिया।
केरला की चाय में मिली चुस्की
केरला की चाय में अलग स्वाद है जो इसमें इस्तेमाल होने वाली पत्ती के टेक्सचर और वहां के तेरेचा के कारण बाकी पत्तियों की तुलना में अलग होती है। ये काफी महीन दाने की होती है जो बेहतर स्वाद छोड़ती है। इस चाय में चायपत्ती, दूध और शक्कर के अलावा और कुछ डालने की जरूरत नहीं है।
अभिषेक स्पेलई, चाय का स्टॉल, केरल
