मुंबई, 05 अगस्त (वार्ता) सोनी सब के पौराणिक धारावाहिक ‘हस्तिनापुर के वीर’ के आगामी एपिसोड में गुरु द्रोणाचार्य के जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ देखने को मिलेगा, जब एकलव्य उनके समक्ष शिष्य बनने का आग्रह करेगा और उन्हें अपने वचन तथा गुरु धर्म के बीच कठिन निर्णय लेना पड़ेगा।धारावाहिक में पांडवों और कौरवों के बचपन की कहानी दिखाई जा रही है। आगामी कड़ी में गुरु द्रोणाचार्य (जितेन लालवानी) राजकुमारों को धनुर्विद्या का प्रशिक्षण देते हुए अर्जुन (उर्वा सावल्या) की असाधारण प्रतिभा और समर्पण को पहचानते हैं। इसी दौरान युवा धनुर्धर एकलव्य (अर्जुन शुक्ला) अपने कौशल से सभी को प्रभावित करता है और द्रोणाचार्य से उन्हें अपना शिष्य बनाने का अनुरोध करता है। एकलव्य की प्रतिभा और दृढ़ संकल्प से प्रभावित होने के बावजूद द्रोणाचार्य अर्जुन से किए गए अपने वचन के कारण गहरी दुविधा में पड़ जाते हैं।
गुरु द्रोणाचार्य की भूमिका निभा रहे अभिनेता जितेन लालवानी ने कहा कि एकलव्य का आगमन उनकी शिक्षक यात्रा का बेहद महत्वपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा, “यह केवल शिष्य चुनने की बात नहीं है, बल्कि गुरु द्रोणाचार्य के किरदार निभाने के साथ आने वाली जिम्मेदारियों के प्रति सच्चे रहने की भी बात है।”
उन्होंने कहा कि द्रोणाचार्य के लिए शिक्षा का अर्थ प्रतिभा को पहचानना और हर विद्यार्थी को उसका सर्वश्रेष्ठ बनने में मदद करना है। एकलव्य निष्ठावान, विनम्र और सीखने के लिए समर्पित बालक है, जबकि अर्जुन के प्रति भी उनकी विशेष जिम्मेदारी है। यही द्वंद्व इस प्रसंग को और रोचक बनाता है।
धारावाहिक ‘हस्तिनापुर के वीर’ का प्रसारण सोनी सब पर सोमवार से शनिवार रात नौ बजे किया जाता है।

