जबलपुर: पाटन तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत व्यवस्था एक बार फिर विवादों में है। ग्राम पंचायत दिधोरा में पदस्थ सचिव पर शासकीय कार्यों के नाम पर अपने ही परिजनों से जुड़े बिलों का भुगतान कराने के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत दिधोरा में पदस्थ सचिव नरेंद्र शर्मा ने पंचायत से ऐसे बिलों का भुगतान कराया, जो उनके परिजनों से जुड़े नामों पर प्रस्तुत किए गए। ग्रामीणों के अनुसार पंचायत से जिन बिलों का भुगतान किया गया, वे विश्वरतन शर्मा के नाम से लगाए गए, जबकि संबंधित दुकान का पंजीयन मूलचंद शर्मा के नाम पर बताया जा रहा है। इस संबंध में दस्तावेजों की जांच की मांग की गई है।
पूर्व पंचायत से भी भुगतान जारी होने का दावा
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित सचिव पूर्व में गुरुपिपरिया ग्राम पंचायत में पदस्थ थे और वहां स्वीकृत कार्यों के नाम पर अब भी भुगतान जारी है। यदि यह तथ्य सही पाया जाता है तो यह प्रशासनिक प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न खड़े कर सकता है।
पंचायत दर्पण ऐप से मिली जानकारी
बताया गया है कि ग्रामीणों को भुगतान संबंधी जानकारी “पंचायत दर्पण” ऐप के माध्यम से प्राप्त हुई। इसके बाद उन्होंने दस्तावेजों की समीक्षा कर आपत्ति दर्ज कराई और जनपद पंचायत स्तर पर शिकायत की। ग्रामीणों ने मामले की शिकायत कलेक्टर की जनसुनवाई में की, जहां से जांच का आश्वासन दिया गया है। जिला पंचायत सीईओ कार्यालय में भी लिखित आवेदन सौंपा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में दिए गए आवेदन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इनका कहना है
शिकायत के आधार पर संबंधित सचिव के ऊपर जांच की जाएगी, जांच के आधार पर आगे की कार्यवाही होगी।
अभिषेक गहलोत, सीईओ जिपं
