
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए मतदान शुरू हो गया है। इस चरण में 3 करोड़ 70 लाख से अधिक मतदाता 122 सीटों पर 1302 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। इनमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सरकार के आधा दर्जन से अधिक मंत्री भी शामिल हैं 45,399 मतदान केंद्रों पर वोट डाले जा रहे हैं, जिनमें से 40,073 केंद्र ग्रामीण हैं 1।75 करोड़ महिलाएं हैं। राजद ने सबसे अधिक 71, भाजपा ने 53, जदयू 44, कांग्रेस 37, लोजपा (आर) 15, वीआईपी 08, भाकपा माले और हम 6-6, आरएलएम और भाकपा 4-4 हैं। वहीं माकपा ने एक उम्मीदवार पर दांव लगाया है। हिसुआ सीट (नवादा) में सबसे अधिक 3।67 लाख मतदाता हैं, जबकि लौरिया, चनपटिया, रक्सौल, त्रिवेणीगंज, सुगौली और बनमखी में प्रत्याशियों की संख्या सबसे ज्यादा (22-22) है। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 121 सीटों के लिए मतदान हुआ था, जिसमें 65% से अधिक पोलिंग दर्ज हुई थी।
मतदान केंद्रों पर पहुंचे वोटर्स
बिहार में अल सुबह से ही विभिन्न मतदान केंद्रों पर वोटर्स पहुंचने लगे हैं। कहीं लाइनें भी देखी जा रही हैं। चुनावी आयोग (ईसी) ने कहा है कि मतदाताओं को अपने पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य है।
तकीनीकी कारणों से यहां हुई देरी…
बांका के कटोरिया में बूथ -76 में ईवीएम खराब होने से वोटिंग में हो रही है देरी।
किशनगंज के बूछ 299 में ईवीएम खराब होने से 45 मिनट देर से शुरू हुआ मतदान।
औरंगाबाद के ओबरा में दाउदनगर के बूथ में ईवीएम में खराबी के कारण 40 मिनट बाद वोटिंग शुरू हुई।
जुमई के चकाई विधान सभा के बूथ 301 पर वीवीपैट मशीन में गड़बड़ी के कारण 40 मिनट देर से मतदान शुरू हुआ।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
दिल्ली में लाल किले के पास कार में हुए धमाके के बाद बिहार में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। नेपाल से जुड़े 7 जिलों में सबसे ज्यादा चेकिंग की जा रही है। सभी शहरों में बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और बाहरी राज्यों से आने वाली गाड़ियों की चेकिंग की जा रही है। पटना, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, गयाजी में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड सुरक्षा बढ़ा दी गई। पटना में एटीएस तैनात है। सीमावर्ती इलाकों में चौकसी बढ़ा दी गई। वोटिंग के चलते यहां पूरे प्रदेश में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। नेपाल बॉर्डर को 11 नवंबर की रात तक सील किया गया है। सिर्फ बिहार के मतदाताओं को आने की परमिशन है।
- 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटें
- पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) (12 सीटें)- रक्सौल, सुगौली, नरकटिया, हरसिद्धि, गोबिन्दगंज, केसरिया, कल्याणपुर, पीपरा, मोतिहारी, मधुबन, चिरैया, ढाका ।
- गयाजी (10 सीटें)- बेलागंज, गया टाउन, बोधगया, टिकारी, शेरघाटी, बाराचट्टी (एसी), अतरी, इमामगंज (एससी), गुरुवा, वजीरगंज।
- मधुबनी (10 सीटें)- हरलाखी, बेनीपट्टी, खजौली, बाबूबरही, बिस्फी, मधुबनी, राजनगर, झंझारपुर, फुलपरास, लौकहा।
- पश्चिमी चंपारण (बेतिया) (9 सीटें)- वाल्मीकिनगर, रामनगर, नरकटियागंज, बगहा, लौरिया, नौतन, चनपटिया, बेतिया, सिकटा।
- सीतामढ़ी (8 सीटें)- बेलसंड, बथनाहा (एससी), परिहार, सुरसंड, रीगा, सीतामढ़ी, रून्नीसैदपुर, बाजपट्टी।
- रोहतास (7 सीटें)- नोखा, डेहरी, काराकाट, करगहर, सासाराम, चेनारी, दिनारा।
- भागलपुर (7 सीटें)- बिहपुर, गोपालपुर, पीरपैंती (एससी), कहलगांव, भागलपुर, सुल्तानगंज, नाथनगर।
- पूर्णिया (7 सीटें)- अमौर, कसबा, बनमनखी (एससी), रूपौली, धमदाहा, पूर्णिया, बायसी।
- कटिहार (7 सीटें)- बरारी, कोढ़ा, कटिहार, कदवा, बलरामपुर, प्राणपुर, मनिहारी।
- अररिया (6 सीटें)- नरपतगंज, रानीगंज (एससी), फारबिसगंज, अररिया, जोकीहाट, सिकटी।
- औरंगाबाद (6 सीटें)- गोह, ओबरा, नवीनगर, कुटुम्बा (एससी), औरंगाबाद, रफीगंज।
- नवादा (5 सीटें)- हिसुआ, नवादा, गोविंदपुर, वारसलीगंज, रजौली (एससी)।
- बांका (5 सीटें)- बांका, अमरपुर, कटोरिया (एसटी), धोरैया (एससी), बेलहर।
- सुपौल (5 सीटें)- त्रिवेणीगंज (एससी), छातापुर, निर्मली, सुपौल, पिपरा।
- कैमूर (4 सीटें)- चैनपुर, मोहनिया, भभुआ, रामगढ़।
- किशनगंज (4 सीटें)
- ठाकुरगंज, किशनगंज, बहादुरगंज, कोचाधामन (एससी)।
- जमुई (4 सीटें)- सिकंदरा (एससी), जमुई, झाझा, चकाई।
- जहानाबाद (3 सीटें)- जहानाबाद, मखदुमपुर (एससी), घोसी।
- अरवल (2 सीटें)- अरवल, कुर्था।
- शिवहर (1 सीट)- शिवहर।
