सतना :दीपावली का त्योहार दहलीज पर आ चुका है, लेकिन पटाखा बाजार की तैयारी को लेकर नगर निगम की कार्यशैली सुप्तावस्था में नजर आ रही है. आलम यह है कि शनिवार को धनतेरस होने के बावजूद भी पटाखा बाजार की दुकानों में न तो छत नजर आ रही है और न ही दीवार. लिहाजा इस बात का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब समय पर पटाखा बाजार की दुकानें तैयार करना मुश्किल हो रहा है तो फिर वहां पर फायर सुरक्षा के मानकों का पालन करने में कितनी दिलचस्पी ली जाएगी.
प्रशासन द्वारा शहर के हवाई पट्टी क्षेत्र से सटे मैदान को इस बार पटाखा बाजार के लिए निर्धारित किया गया है.
पहले जब व्यकंट क्र. 1 उमावि के मैदान में पटाखा बाजार लगता था तो अमूमन दीपावली से सप्ताह भर पहले से ही दुकानें तैयार हो जाती थीं. लेकिन इस बार दीपावली के त्योहार को महज दो दिन ही बचे हैं और हवाई पट्टी से सटे निर्धारित स्थल पर पटाखा दुकानों के स्थान पर इधर उधर बिखरे हुए टीन-टप्पर ही नजर आ रहे हैं. आलम यह है कि महज एक चौथाई दुकानों के लिए आधे-अधूरे तरीके से टीन लगा दी गई है.
जिसके चलते किसी दुकान में आधी दीवार ही बन सकी है तो कोई दुकान बिना छत के ही दिखाई दे रही है. जबकि शेष दुकानों के टीन फिलहाल जमीन पर पड़े नजर आ रहे हैं. बताया गया कि शनिवार को आनन-फानन में किसी तरह टीन को लगाकर दुकानों को तैयार दिखा दिया जाएगा और पटाखा विक्रेता वहां पर अपना कारोबार भी शुरु कर देंगे. लिहाजा इस बात का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि पटाखा बाजार की दुकानों का तैयार करने में जितनी गंभीरता बरती गई है लगभग उतनी ही गंभीरता वहां पर फायर सुरक्षा के इंतजामों का पालन कराने में भी बरती जाएगी.
