
समय अभाव के कारण नहीं आया नम्बर
जबलपुर। प्रदेश में जानलेवा कफ सिरप से हुई 24 मासूमों की मौत के मामले में गिरफ्तार आरोपी डॉक्टर प्रवीण सोनी ने जमानत के लिये हाईकोर्ट की शरण ली है। आरोपी डॉक्टर को जमानत नहीं दिये जाने के खिलाफ 11 आपत्ति दायर की गयी हैं। हाईकोर्ट जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ के समक्ष गुरुवार को याचिका सुनवाई के लिए लंबित थी। समय अभाव के कारण नंबर नहीं आने के कारण सुनवाई टल गयी। संभवत: जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होगी।
गौरतलब है कि कफ सिरप के कारण छिंदवाड़ा में 22 बच्चों तथा बैतूल में दो बच्चों की मौत हो गयी थी। छिंदवाडा में अधिकांश को डॉक्टर प्रवीण सोनी ने ही वह कफ सिरप प्रिस्क्राइब किया था। छिंदवाड़ा के परासिया थाना पुलिस ने कफ सिरप की निर्माण कंपनी श्रीसन फार्मेसी के संचालक, डॉ प्रवीण सोनी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। पुलिस ने डॉ प्रवीण सोनी को गिरफतार कर लिया था और जिला न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। जिसके बाद उन्होंने जमानत के लिए हाईकोर्ट की शरण ली है।
जमानत याचिका में कहा गया था कि उन्होंने डॉक्टर होने के नाते बच्चों को कफ सिरप प्रिस्क्राइब किया था। कफ सिरप बनाने तथा उसे बेचने की अनुमति निर्माण कंपनी को सरकार के संबंधित विभागों ने प्रदान की है। उनकी कफ सिरप के बनाने में कोई भूमिका नहीं थी। वह सिरप के निर्माता व विक्रेता नहीं है। इसके अलावा डॉक्टर के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने के लिए मेडिकल बोर्ड की अनुमति आवश्यक है। पुलिस ने बिना अनुमति ही प्रकरण दर्ज करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया है।
