
भोपाल।शहर में आनलाइन क्रिकेट सट्टा गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. आरोपियों के पास से आनलाइन सट्टा में उपयोग किए जाने वाले उपकरणों और वाहनों को जब्त किया गया है. अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त गोविंदपुरा गौतम सोलंकी ने आरोपियों की धर पकड़ को लेकर जानकारी दी. अयोध्यानगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लगभग 15 लाख रुपये आनलाईन फ्रीज कराए. सोलंकी ने बताया कि आरोपियों के पास से 40 मोबाइल, 80 सिम, 177 एटीएम कार्ड, 5 लेपटाप, 2 कार, 3.54 लाख रुपये नगदी सहित लगभग 50 लाख रुपये का मसरुका जब्त किया गया है. आरोपी इंस्टाग्राम, टेलीग्राम के माध्यम से आनलाईन गेम पर सट्टे का पैनल प्राप्त करते हुए इसे चला रहे थे. आरोपियो की टीम में 6 बालोदा, भाटापारा छ.ग. और एक छिंदवाडा बैतुल जिले के निवासी है. आरोपी पकडे न जाये इसलिये कार और रेसिडेंसियल मल्टी में सेटअप लगाकर कराते बेटिंग थे. पुलिस की पकड से बचने के लिये यह गिरोह फर्जी एकाउंट, फर्जी सिम का इस्तेमाल कर करता था. आरोपियों ने पुलिस के सामने यह स्वीकार किया है कि कम समय में ज्यादा रूपये कमाने का लालच में आनलाइन सट्टे बाजी का रास्ता उन सभी ने चुना.
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ने बताया कि हाल ही के दिनों में क्रिकेट के अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट एशिया कप टूर्नामेंट मैच के दौरान मैच पर ऑनलाईन सट्टा खिलाने वाले गिरोह सक्रिय होने की सूचना मिली थी. मीनाल क्षेत्र में कार में आनलाईन सट्टा संचालन कर रहे दो आरोपियों को मोबाइल, लेपटाप , फर्जी एकाउंट के एटीएम कार्ड तथा कुछ नगदी सहित पकडा गया. जिनसे पुछताछ में उनके द्वारा बडे रुप में काल सेंटर (बुक) संचालित करना भी स्वीकार किया. जिनकी निशादेही पर भोजपुर रोड स्थित आरआरजी टाउनशिप मल्टी में रेसिडेंसियल फ्लेट में संचालित ऑनलाइन सट्टे के काल सेंटर(बुक) पर रैड की गई. जहां अन्य 5 आरोपी बुक संचालित करते हुये मिले. जिनके कब्जे से घटना में उपयोग किए जाने वाले उपकरण बरामद हुए. आरोपी इंस्टाग्राम एडवर्टाइजमेंट के माध्यम से टेलीग्राम पर ऑनलाइन स्पोर्ट गेमिंग, गैम्बलिंग एप पैनल, महादेव जैसे बैटिंग ऐप के बारे में ट्रेनिंग लेकर यूएसडीटी एवं इंडियन करेंसी में भुगतान कर अज्ञात लोगों से रुद्र डायमंड वेबसाइट पोर्टल पैनल का एक्सेस लेकर देश भर से लोगों को इस बैटिंग साइट पर आईडी प्रोवाइड कर लगातार क्रिकेट मैच और अन्य प्रतियोगिता के मैचों पर बैटिंग करवाकर लाखों का ट्रांजैक्शन कराते थे. आरोपी ग्राहकों से अलग-अलग फर्जी एकाउंट्स में पैसे डलवाकर उन्हें बैटिंग प्वाइंट उपलब्ध कराते थे और उनकी पहचान उजागर न हो, इसलिए व्हाट्सऐप के माध्यम से आपस में कनेक्टेड होते थे. इस अपराध में आरोपी एक-दूसरे से अपनी पहचान छुपाकर चीजों का आदान प्रदान करते थे, ताकि कोई भी बीच में पकड़ा जाए तो वह दूसरे तक पुलिस को न पहुंचा सके. पकड़े गए सातों आरोपी में वेबसाइट पोर्टल पैनल पर बैटिंग संचालित कर पैसों का बड़े रूप में ट्रांजैक्शन का हिसाब भी डायरी में मिली है. आरोपियों के खिलाफ अप.क्र. 415/25 धारा 4क सट्टा एक्ट, 112(2) बीएनएस के तहत पंजीबद्ध किया गया है.
