रीवा:मऊगंज के पूर्व विधायक एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखेन्द्र सिंह बन्ना ने कहा कि पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा रीवा-मिर्जापुर रेल लाइन का सर्वेक्षण कार्य 2016 में स्वीकृत किये जाने के बाद 2025 में अचानक लटका दिया गया. इसके जिम्मेदार सांसद जनार्दन मिश्रा हैं जो मऊगंज जिले के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे है.श्री सिंह अपने निवास में पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि उनके प्रयास से पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा रीवा-मिर्जापुर रेल लाइन का सर्वेक्षण कार्य स्वीकृत किया गया था.
पमरे जबलपुर के तत्कालीन महाप्रबंधक रमेश चन्द्रा द्वारा 2016 में उन्हें पत्र लिख सूचित भी किया था और पत्र के माध्यम से बताया गया था कि रीवा मिर्जापुर रेल लाइन का सर्वेक्षण कार्य प्रगति पर है. इसे 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है लेकिन वर्तमान में पमरे के एक पत्र से पता चलता है कि यह कार्य लटक गया है. पमरे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी विभूति शर्मा द्वारा विगत 15 सितंबर को लिखे गये पत्र से पता चलता है कि रीवा-मिर्जापुर रेल लाइन का सर्वेक्षण कार्य एवं गणना 2017 में प्रचलित विधि द्वारा की गई थी.
वर्तमान में इस विधि से करना घाटे का सौदा है. लिहाजा रेलवे बोर्ड द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार इसे नई विधि द्वारा किये जाने की आवश्यकता है. यह कार्य फायनल लोकेशन सर्वे द्वारा ही किया जा सकता है. अभी इसकी स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई है. यदि रेलवे बोर्ड इसे स्वीकृत्ति कर देता है तो पुन: सर्वेक्षण किया जा सकता है. पूर्व विधायक श्री सिंह ने कहा कि रीवा-मिर्जापुर रेल लाइन का सर्वेक्षण कार्य को रोकना मऊगंज के साथ सौतेला व्यवहार है. यह सांसद के इशारे पर किया गया है. इसके खिलाफ वे रेल रोको एवं जेल भरो आंदोलन करेंगे.
