
जबलपुर। खजरी खिरिया निवासी परिवार में शादी के 13 साल बाद घर में रौनक आई थी, जिसमें उन्हें जुड़वा बच्चे हुए थे, लेकिन नव जीवित दोनों बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर, ईलाज में लापरवाही के कारण बच्चों की मृत्यु हो गई, जिसको लेकर परिवार में मातम छा गया, पीड़ित परिवार ने मंगलवार को जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से ईलाज में लापरवाही करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ शिकायत कर कार्यवाही की मांग की है। जानकारी के अनुसार ग्राम खजरी खिरिया निवासी रामराज पटेल पिता शिव कुमार पटेल ने बताया कि उसकी शादी वंदना पटेल के साथ हुई थी, शादी के 13 साल बाद उसे जुड़वा दो पुत्रो का जन्म, डॉ. सोनल रिछारिया, मातृम ऑर्थो एण्ड गायनिक सेन्टर हॉस्पिटल में 17 सितंबर 2025 को 11:04 सुबह पहले पुत्र का जन्म एवं दूसरा पुत्र का जन्म 11:05 सुबह में हुआ। दोनो नवजीवित पुत्र स्वास्थ्य हुये थे। दोनों पुत्रो के जन्म के बाद किसी भी डॉ. ने नहीं देखा। उसी दिन शाम को बच्चे थोडे-थोडे पीले दिखाई दिये, जिसकी जानकारी उनने हॉस्पिटल के स्टॉप को दिया, स्टॉप के किसी भी मेम्बर के द्वारा दोनों बच्चों को नही देखा गया। फिर डॉ. सोनल रिछारिया से बच्चो की पीले दिखाई देने की जानकारी दी तो डॉ. सोनल रिछारिया द्वारा बोला गया कि बच्चे ठीक है, आप बच्चों को थोडा धूप दिखा देना, बच्चे ठीक हो जायेगे। दूसरे दिन 18 सितंबर को दोनो नवजीवित पुत्र ज्यादा पीले दिखाई देने लगे, फिर डॉ. सोनल से बोला कि बच्चे ज्यादा पीले दिखाई दे रहे हैं, तो भी वह आपके बच्चे ठीक हैं बोलकर वहां से चली गई। शाम को जब पीलिया का टेस्ट करवाया तो डॉ. सोनल रिछारिया ने बताया गया कि आप के एक पुत्र को 19 और दूसरे पुत्र को 20 प्वाइंट पीलिया है, डॉ. सोनल रिछारिया के द्वारा बोला गया कि आप जहां चाहे अपने बच्चे का इलाज करवा सकते है आप अपने बच्चे को ले जा सकते हैं।
गैलेक्सी में एक और दूसरे की नागपुर में हो गई मृत्यु
उसी शाम परिजनों ने बच्चों को गैलेक्सी हॉस्पिटल में एडमिट कराया, उसी रात लगभग 4:30 बजे एक नवजीवित बड़े पुत्र की मृत्यु हो गई और गैलेक्सी वाले डॉ. नंदन शर्मा बच्चो का इलाज करते रहे, डॉ. से पूछे जाने पर बोला गया कि आप के बच्चो का इलाज चल रहा है, मगर उन्हें इस बात का एहसास हुआ कि उनके एक पुत्र की मृत्यु हो गयी है, इस पर परिवार के द्वारा डॉक्टरों पर दबाव डला गया तो गैलेक्सी हॉस्पिटल के डॉक्टर वहां से चले गये, बाद में वहां के स्टॉफ ने बताया कि आप के एक पुत्र की मृत्यु हो गयी है। दबाव डालने के बाद स्टॉफ ने डॉक्टरों को बुलाया और फिर गैलेक्सी हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने एक बच्चे को नागपुर ले जाने को कहा, नागपुर के डॉक्टरों के द्वारा बताया गया कि आप के बच्चे की हालत बहुत ज्यादा खराब है और पीलिया आप के बच्चे के दिमाग में 60 प्रतिशत पहुंच गया है, उसी रात में दूसरा बच्चा भी खत्म हो गया।
