फ्लाईओवर के ऊपर एंट्री व एग्जिट पाइंट्स पर लगाए जाएंगे संकेतक

जबलपुर। मदन महल से दमोहनाका के बीच नवनिर्मित फ्लाईओवर की लैंडिंग व इसकी व्यवस्थाओं के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सोमवार को चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ के समक्ष सुनवाई हुई। जहां राज्य शासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि नवनिर्मित फ्लाईओवर के ऊपर व एंट्री, एक्जिट पाइंट्स पर संकेतक लगाए जाएंगे। फ्लाईओवर पर व्यवस्था बनाने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। सरकार की ओर से कहा कि फ्लाईओवर पर होने वाले शोर का प्रभाव आसपास के निवासियों पर न हो, इसलिए व्यू कटर लगाने की सभी संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। न्यायालय ने उक्त आश्वासन को रिकॉर्ड पर ले लिया। आगामी पर्वों के दौरान भीड़ उमडऩे की संभावना के मद्देनजर जल्द से जल्द आश्वासन पर कारवाई के निर्देश देते हुए न्यायालय ने मामले का पटाक्षेप कर दिया।

उल्लेखनीय है कि यह जनहित का मामला तिलहरी निवासी अधिवक्ता अलका सिंह की ओर से दायर किया गया था। जिसमें कहा गया था कि जबलपुर में मदन महल से दमोह नाका के बीच सात किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर बनाया गया है। यह व्यस्ततम आवासीय इलाके से होकर गुजरता है। जिसके दोनों और एकदम सट कर आवासीय कॉलोनियां लगी है। इसके चलते फ्लाई ओवर के किनारे निवास करने वाले नागरिकों की निजता का उल्लंघन हो रहा है। फ्लाईओवर पर 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से वाहन चलाए जा रहे हैं। हार्न और वाहनों के कोलाहल से आसपास के इलाके में ध्वनि प्रदूषण हो रहा है। युवा फ्लाईओवर पर रील बना रहे हैं। इसकी लैंडिंग्स पूरी तरह ब्लॉकिड हैं। लैंडिंग्स पर कहीं भी यू-टर्न नहीं बनाया गया है। खासकर मदन महल और राइट डाउन में फ्लाईओवर की लैंडिंग बेहद खतरनाक है। यू-टर्न ना बनाए जाने के चलते लैंडिंग्स एक्सीडेंटल पॉइंट बनते जा रहे हैं। फ्लाईओवर पर मुडऩे के लिए समुचित संकेतक नहीं होने से दिन में कई बार बाटलनेक बन रहे हैं, जिससे जाम लग रहा है। रात को बाइकर्स बेहद तेज रफ्तार से फ्लावर से होकर गुजरते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। शाम ढलने के बाद फ्लाईओवर पर छेड़छाड़ की घटनाएं भी हो रही हैं। यहां पर ट्रैफिक व व्यवस्था को कंट्रोल करने पुलिस बल मौजूद नहीं रहता। फ्लाईओवर से लोग नीचे कचरा फेंकते हैं, थूकते हैं। यह गंदगी किनारे बने मंदिरों के ऊपर गिरती है। इससे धार्मिक आस्था को भी चोट पहुंच रही है। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी ने तर्क दिया कि फ्लाईओवर के दोनों किनारो पर अहमदाबाद की तर्ज पर व्यू कटर लगाया जाए। ताकि आसपास के निवासी ध्वनि प्रदूषण व गंदगी से बच सकें। लैंडिंग्स के आगे यू-टर्न बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि दशहरा व अन्य पर्व आसन्न हैं। इन पर्वों पर भीड़ उमडऩे के चलते फ्लाईओवर पर ट्रैफिक जाम की आशंका है। इसलिए जल्द से जल्द समुचित कारवाई की जाए।

 

 

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