गिरती साख को सुधारने दिए महत्वपूर्ण सुझाव, रखीं मांगें
ग्वालियर:ग्वालियर मेला व्यापारी संघ ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि सिंधिया परिवार की इस सवासौ वर्ष पुरानी शानदार सांस्कृतिक एवं व्यापारिक विरासत को बनाए रखने व और अधिक समृद्ध करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने की जरूरत है ताकि आगामी वर्ष के मेले का हश्र भी इस वर्ष जैसा नहीं हो।
उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष के मेला को शानदार बनाने के लिए आज और अभी से ही प्रयास शुरू कर दिए जाने चाहिए।मेला व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेंद्र भदकारिया, सचिव महेश मुदगल, संयोजक उमेश उप्पल संयुक्त अध्यक्ष एवं प्रवक्ता अनिल पुनियानी, सह संयुक्त अध्यक्ष जगदीश उपाध्याय कल्ली पंडित,कार्य. अध्यक्ष अनुज गुर्जर, संयोजक उमेश उप्पल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केंद्रीय मंत्री सिंधिया को लिखे पत्र में आग्रह किया है कि मेला की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए सर्वप्रथम आवश्यकता इस बात की है कि मेला प्राधिकरण का विधिवत गठन किया जाए। स्थानीय राजनीतिक नेतृत्व के बिना मेला प्राधिकरण का अस्तित्व निरर्थक व शून्य ही है क्योंकि भोपाल से बैठकर मेला प्राधिकरण को संचालित नहीं किया जा सकता है.
अतीत में मेला प्राधिकरण का नेतृत्व रमेशचंद्र अग्रवाल, डॉ. वीके गंगवाल, अशोक शर्मा, राज चड्ढा, स्व. अनुराग बंसल, पारस जैन, डॉ. प्रवीण अग्रवाल, अशोक प्रेमी, वेदप्रकाश शिवहरे आदि स्थानीय नेताओं ने सुचारू संभाला, स्व. अनुराग बंसल एवं उनके साथ पारस जैन के कार्यकाल में मेले का आयोजन बेहतरीन तरीके से हुआ। इसी प्रकार मेला प्राधिकरण बोर्ड का गठन कर प्राधिकरण के नेतृत्व को भोपाल या जबलपुर के हाथों में देने के बजाए ग्वालियर के नेतृत्व के हाथों में दिया जाना चाहिए, मेला व्यापारियों की क्या समस्याएं और अपेक्षाएं हैं एवं सैलानियों की सहूलियत और मेला की समृद्धि के लिए और कौन से सुनहरे आयाम इस एक शताब्दी पुराने आयोजन में जोड़े जा सकते हैं, यह ग्वालियर का नेतृत्व ही बखूबी समझ सकता है और क्रियान्वित कर सकता है।
मेला व्यापारी संघ के पदाधिकारियों ने इस बात पर क्षोभ प्रकट किया कि ग्वालियर मेला में सांस्कृतिक आयोजन पूरी तरह ठप कर दिए गए हैं। इस वर्ष भी कोई नामचीन बॉलीवुड कलाकार या सिंगर मेला में नहीं बुलाया गया जबकि अतीत में मेला के मंच पर सुविख्यात कलाकारों के रंगारंग आयोजनों की झड़ी लग जाती थी। आगामी वर्ष से विधिवत कैलेंडर बनाकर मेला मंच की रौनक को लौटाया जाए। मेला व्यापारी संघ ने मेला के विभिन्न सेक्टरों में टूटी फूटी दुकानों व सड़कों का संधारण कार्य न होने, मेला के पिछवाड़े के क्षेत्र में कब्जा जमाकर बैठे संदिग्ध खानाबदोश लोगों को बेदखल न करने, मेला की बाउंड्रीवाल न बनाए जाने, मेला की सड़कों पर खड़े ठेले, फड़वालों को हॉकर्स जोन में न भेजे जाने पर रोष जताते हुए कहा कि इन बिंदुओं पर अभी से कार्य प्रारंभ कर दिया जाना चाहिए ताकि आगामी वर्ष का मेला प्रारंभ होने के पूर्व ही सभी अत्यावश्यक व्यवस्थाएं चाकचौबंद हो जाएं एवं दूर दूर से बड़ी उम्मीदों के साथ आने वाले मेला व्यापारियों एवं सैलानियों को असुविधा, चिंता और अभावों का सामना न करना पड़े।
निर्धारित समय पर ही हो मेला का उदघाटन एवं समापन समारोह
मेला व्यापारी संघ ने पत्र में इस बात पर खेद जताया कि इस वर्ष न तो मेला का उदघाटन समारोह आयोजित किया गया और न ही समापन समारोह आयोजित किया जा रहा है। इसके बिना मेला फीका फीका सा हो गया है। आगामी वर्ष से ग्वालियर व्यापार मेला का निर्धारित समय पर मेला का उदघाटन एवं समापन समारोह आयोजित किया जाए ताकि मेला की गरिमा बनी रहे और मेला कहीं हाट बाजार बनकर न रह जाए।
मेला की शुभारंभ तिथि से ही ऑटोमोबाइल सेक्टर में रोड टैक्स में छूट दी जाए
पत्र में इस बात पर चिंता जताई गई कि मेला के ऑटोमोबाइल सेक्टर में रोड टैक्स में छूट इस बार विलंब से घोषित की गई जिससे व्यापारियों को नुकसान हुआ, आगामी वर्ष से मेला की शुभारंभ तिथि से ही ऑटोमोबाइल सेक्टर में रोड टैक्स में छूट घोषित कर दी जाए।
