नयी दिल्ली, 21 सितंबर (वार्ता) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने वस्तु एवं सेवा कर-जीएसटी सुधारों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नागरिक सेवा बताने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि जीएसटी से आठ साल तक लूट मचाने के बाद अब सुधार लागू किये जा रहे हैं और इसके लिए मोदी सरकार को जनता से माफी मांगनी चाहिए।
श्री खरगे ने प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन के बाद कहा “नरेंद्र मोदी जी आपकी सरकार ने कांग्रेस के सरल और कुशल जीएसटी के बजाय, अलग-अलग नौ स्लैब से वसूली कर ‘गब्बर सिंह टैक्स’ लगाया और आठ साल में 55 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा कर वसूले। अब आप 2.5 लाख करोड़ रुपये के “बचत उत्सव” की बात कर के जनता को गहरे घाव देने के बाद मामूली बैंड ऐड लगाने की बात कर रहे हैं !”
श्री खरगे ने आठ साल तक जीएसटी से वसूली के बाद नये सुधारों के सरकार के कदम को ‘नौ सौ चूहे खाकर, बिल्ली हज को चली’ बताया और कहा “जनता कभी नहीं भूलेगी कि आपने उनके दाल-चावल- अनाज, पेंसिल, किताबें, इलाज, किसानों के ट्रैक्टर — सबसे जीएसटी वसूला था। आपकी सरकार को तो जनता से माफ़ी माँगनी चाहिये।”
कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जय राम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए जीएसटी काउंसिल, जो एक संवैधानिक निकाय है, द्वारा किए गए संशोधनों का पूरा श्रेय खुद को देने की कोशिश की है। उन्होने कहा “हमने जुलाई 2017 से ही जीएसटी 2.0 की माँग की थी। यह लोकसभा चुनाव 2024 के लिए हमारे न्याय पत्र में एक प्रमुख वादा भी था।”
कांग्रेस नेता ने कहा कि वर्तमान जीएसटी सुधार अपर्याप्त प्रतीत होते है इसलिए वह चाहते हैं कि इसमें एमएसएमई की व्यापक चिंताओं का सार्थक समाधान किया जाना चाहिए। विभिन्न क्षेत्रों से उभरे मुद्दे -जैसे वस्त्र, पर्यटन, निर्यातक, हस्तशिल्प और कृषि इनपुट – इनका समाधान किया जाना चाहिए और राज्यों को राज्य-स्तरीय जीएसटी लागू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
