नर्मदा पुत्र विवेक कृष्ण तन्खा का सफरनामा डॉक्यूमेंट्री का सफल आयोजन
जबलपुर: मां नर्मदा के आंचल में पढ़े-बड़े और संस्कारधानी की समृद्ध विरासत को विश्व पटल पर लाने का बीड़ा उठाये, नर्मदा पुत्र विवेक कृष्ण तन्खा के जीवन के संघर्षों और प्रयासों को संजोती डॉक्यूमेंट्री, नर्मदा पुत्र विवेक कृष्ण तन्खा का सफरनामा का प्रस्तुतीकरण का आयोजित किया गया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस सांस्कृतिक केंद्र घंटाघर जबलपुर में सायं 4:30 बजे से आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में डॉक्युमेंट्री निर्देशक अजय चिटनिस द्वारा डॉक्यूमेंट्री (फिल्म) का प्रस्तुतीकरण किया किया गया।
डॉक्यूमेंट्री फिल्म में वकालत के साथ साथ राजनीति के समावेश के साथ समाजिक सेवा करना एक अजीबो गरीब मिश्रण है और यह समाज सेवा करके विवेक तन्खा ने सार्थक किया है अपनी न्यायिक और राजनीतिक यात्रा की ताकत पाकर हर वर्ग और हर परिस्थिति में खुद को ढ़ालकर समाज की सहायता करना नर्मदा पुत्र विवेक तन्खा की जीवन गाथा है।राज्यसभा सांसद, भारत सरकार के पूर्व एडिशनल सॉलिसीटर जनरल, सुप्रीम कोर्ट के सुप्रसिद्ध विधि वेत्ता विवेक कृष्ण तन्खा राजनीति से ज्यादा समाजसेवा में रुचि रखते हैं। गुजरात का भूकम्प हो या जम्मू कश्मीर का जलजला…, उत्तराखंड की बाढ़ हो या फिर कोरोना का दिल दहलाने वाला दौर.., श्री तन्खा हर जगह मसीहा बनकर आगे आए। पिता जस्टिस राजकृष्ण तन्खा से विरासत में मिली मानवता की सेवा की इबारत को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने अनेक स्तुत्य कार्य किए। माँ नर्मदा के आँचल में पले-बढ़े और संस्कारधानी की समृद्ध विरासत को विश्व पटल पर लाने का बीड़ा उठाए, श्री तन्खा के जीवन के संघर्षों और प्रयासों को संजोती डॉक्यूमेंट्री फिल्म, नर्मदा पुत्र विवेक कृष्ण तन्खा का सफरनामा का प्रस्तुतीकरण किया गया।
वकील बनो, अच्छे इंसान बनो और समाज की सेवा करो: तंखा
श्री विवेक तन्खा ने कहा, यह डॉक्यूमेंट्री मेरे जीवन का सफरनामा है। इसमें मैंने खासतौर पर युवा पीढ़ी को संदेश देने की कोशिश की है कि अगर आपके अंदर तपस्या, श्रम और ईमानदारी है, तो आप समाज के लिए बहुत कुछ कर सकते हैं।उन्होंने आगे कहा, हम वकील सिर्फ कोर्ट-कचहरी तक सीमित नहीं हैं। जब जब देश संकट में आया है, वकीलों ने नेतृत्व किया है। अगर वकील न होते तो देश को आज़ादी भी नहीं मिलती। इसलिए मैं युवाओं से कहना चाहता हूं अच्छे वकील बनो, अच्छे इंसान बनो और समाज की सेवा करो।
एक घंटे का सरफरनामा देखने यह भी पहुंचे
एक घंटे के इस सफरनामा को देखने के लिए लेफ्टिनेंट जनरल शेखावत, कलेक्टर दीपक सक्सेना, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एन. पी. प्रजापति, श्रीमती आरती तन्खा, डॉ. के. के. कौल, डॉ राजेश धीरावाणी, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अजय विश्नोई, विधायक लखन घनघोरिया, पूर्व विधायक विनय सक्सेना, पूर्व विधायक तरुण भनोट, पूर्व विधायक संजय यादव, पूर्व विधायक निलेश अवस्थी, आरिफ बेग, जॉइंट डायरेक्टर हेल्थ डॉ. संजय मिश्रा, डॉ पवन स्थापक, डॉ पुष्पराज पटेल इत्यादि गणमान्य नागरिक प्रमुख रूप से उपस्थित थे। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष संजय अग्रवाल, डी. के. जैन और जिला अधिवक्ता संघ से अध्यक्ष मनीष मिश्रा, रोटरी डिस्ट्रिक्ट गवर्नर अखिल मिश्रा, महाकौशल चेंबर के अध्यक्ष रवि गुप्ता, जबलपुर चेंबर ऑफ़ कॉमर्स के चेयरमैन प्रेम दुबे एवं कदम संस्था के संस्थापक श्री योगेश गनोरे द्वारा अजय चिटनिस का इस फिल्म के निर्माण हेतु स्वागत किया गया। सभा का संचालन श्री बलदीप मैनी द्वारा किया गया।
लोग हो गए अभिभूत
नेताजी सुभाष चंद्र बोस सांस्कृतिक केंद्र घंटाघर जबलपुर में शहर के सभी वर्गों के लोग शनिवार को विवेक तंखा डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रस्तुतीकरण किया गया, जिसे देख कर लोग अभिभूत हो गये। सबसे पहले डॉक्यूमेंट्री फिल्म के निर्देशक अजय चिटनिस का सम्मान किया गया। डॉक्यूमेंट्री फिल्म के कार्यक्रम का संचालन बलदीप मैनी ने किया। फिल्म प्रारंभ होने के पहले निर्देशक अजय चिटनिस का जबलपुर चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के प्रेम दुबे, महाकोशल चैंबर ऑफ कॉमर्स के रवि गुप्ता, रोटरी के अखिल मिश्रा, कदम संस्था के बिल्लोरे जी एवं हाइकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने किया। कार्यक्रम के अंत में आयोजन को एकसूत्र में बांधने में आशीष शुक्ला व हिमांशु खरे की महत्वपूर्ण भूमिका रही इसके अलावा कार्यक्रम में आयोजन समिति, आयोजक संस्थाएँ जिनमें जबलपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, महाकोशल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, जबलपुर के समस्त रोटरी क्लब्स तथा कदम संस्था के सदस्य , प्रशासनिक अधिकारी एवं राजनैतिक हस्तियां शामिल थे।
1000 से ज्यादा लोग फिल्म देखकर हुए प्रेरित
विवेक कृष्ण तन्खा का सफरनामा डॉक्यूमेंट्री को लेकर पहले से ही युवा वर्ग से लेकर सभी वर्गों में जमकर उत्सुकता का माहौल देखने को मिला ।इसी कड़ी में नेताजी सुभाष चंद्र बोस सांस्कृतिक केंद्र लगभग पूर्ण रूप से भर गया ,जहां पर ज्यादा से ज्यादा लोग इस डॉक्यूमेंट्री को देखने जुटे थे। वही 1000 से ज्यादा लोगों द्वारा इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म को देखा गया है और लगातार फिल्म समाप्त होने के उपरांत इसी उत्सुकता के साथ प्रेरित होते दिखे।
पांच से छह जिलों से लोग मूवी देखने पहुंचे
डॉक्यूमेंट्री मूवी देखने शहर से जुड़े अन्य जिलों जैसे छिंदवाड़ा, बालाघाट, कटनी, मंडला, सिवनी, डिंडोरी, शहडोल से लोग पहुंचे और सभी ने 1घंटे की डॉक्यूमेंट्री को एकटक देखा और मोटीवेट होते दिखे।
