मुंबई, 18 जुलाई (वार्ता) भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता, लेखक और निर्देशक मनोज कुमार की 89वीं जयंती के अवसर पर ज़ी क्लासिक एक खास फिल्म फेस्टिवल आयोजित करने जा रहा है। ‘भारत कुमार’ के नाम से मशहूर मनोज कुमार को श्रद्धांजलि देने के लिए 19 जुलाई से 24 जुलाई तक उनकी कई प्रतिष्ठित फिल्मों का प्रसारण किया जाएगा।मनोज कुमार ने अपनी फिल्मों के जरिए देशभक्ति, सामाजिक सरोकार और आम आदमी के संघर्षों को बड़े पर्दे पर नई पहचान दी। उनकी फिल्मों में भारतीय संस्कृति, किसान, जवान, परिवार और समाज की भावनाओं को बेहद संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया गया। यही वजह है कि वह भारतीय सिनेमा के सबसे सम्मानित कलाकारों में शामिल हैं।
चार दशक से अधिक लंबे फिल्मी सफर में मनोज कुमार ने अभिनेता के साथ-साथ लेखक और निर्देशक के रूप में भी अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी फिल्में ‘उपकार’, ‘रोटी कपड़ा और मकान’, ‘पूरब और पश्चिम’, ‘शोर’, ‘शहीद’ और ‘क्रांति’ आज भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं।
ज़ी क्लासिक के इस विशेष फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत ‘रोटी कपड़ा और मकान’ से होगी, जिसमें आम आदमी के संघर्ष और सपनों को दिखाया गया है। इसके बाद ‘उपकार’ प्रसारित होगी, जिसने मनोज कुमार को ‘भारत कुमार’ की अमर पहचान दिलाई। ‘पूरब और पश्चिम’ में भारतीय संस्कृति और संस्कारों की झलक मिलेगी, जबकि ‘शोर’ भावनात्मक रिश्तों और पिता-पुत्र के प्यार की कहानी पेश करेगी। ‘शहीद’ में भगत सिंह के किरदार में मनोज कुमार का अभिनय आज भी याद किया जाता है। फेस्टिवल का समापन 24 जुलाई को उनकी भव्य फिल्म ‘क्रांति’ के साथ होगा।
इस मौके पर मनोज कुमार के साथ काम कर चुके कलाकारों ने भी उन्हें याद किया। अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि मनोज कुमार के लिए सिनेमा सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि एक उद्देश्य था। उन्होंने कहा कि मनोज कुमार ने हर कहानी और किरदार को पूरी ईमानदारी से जिया। अभिनेत्री हेमा मालिनी ने कहा कि मनोज कुमार के साथ काम करना हमेशा सीखने का अनुभव रहा। उन्होंने बताया कि मनोज कुमार अपने कलाकारों और तकनीकी टीम के हर सदस्य का सम्मान करते थे और उनकी फिल्मों में मेहनत, अनुशासन और संवेदनशीलता साफ दिखाई देती थी।
संगीतकार प्यारेलाल ने मनोज कुमार की संगीत की समझ की सराहना करते हुए कहा कि वह गीतों को सिर्फ फिल्म का हिस्सा नहीं, बल्कि कहानी की धड़कन मानते थे। वहीं अभिनेता प्रेम चोपड़ा ने उन्हें अनुशासित, मेहनती और बेहद संवेदनशील इंसान बताया। ज़ी क्लासिक का यह फिल्म फेस्टिवल न सिर्फ मनोज कुमार को श्रद्धांजलि है, बल्कि भारतीय सिनेमा के उस स्वर्णिम दौर का उत्सव भी है, जिसने कई पीढ़ियों को प्रेरित किया। दर्शक 19 जुलाई से 24 जुलाई तक हर शाम सात बजे ज़ी क्लासिक पर मनोज कुमार की यादगार फिल्मों का आनंद ले सकेंगे।

