भारत के खिलाफ T20 सीरीज से पहले जिम्बाब्वे की बड़ी कमजोरी सामने आई है। बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे T20 मैच में 7 कैच छोड़कर जिम्बाब्वे टीम ने शर्मनाक हार अपने नाम की।
भारत के खिलाफ आगामी T20 सीरीज से पहले शानदार फॉर्म में चल रही जिम्बाब्वे की टीम को बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे T20 मुकाबले में अपनी खराब फील्डिंग की भारी कीमत चुकानी पड़ी। टेस्ट और वनडे सीरीज जीतकर आत्मविश्वास से भरी जिम्बाब्वे की टीम ने इस मैच में सात आसान कैच टपका दिए, जिसके चलते उसे 34 रन से हार का सामना करना पड़ा।
सैफुद्दीन और यासिर ने खेली अच्छी पारी
बुलावायो में खेले गए मुकाबले में बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 186 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज सैफ हसन और तनजीद हसन ने अर्धशतकीय पारियां खेलीं, जबकि अंत में मोहम्मद सैफुद्दीन ने सिर्फ 10 गेंदों में 31 और यासिर अली ने 12 गेंदों में 22 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।
जिम्बाब्वे की लचर फील्डिंग
हालांकि, बांग्लादेश की बड़ी पारी के पीछे उनकी बल्लेबाजी से ज्यादा जिम्बाब्वे की ढीली और कमजोर फील्डिंग जिम्मेदार रही। मेजबान टीम के खिलाड़ियों ने पूरे मैच में कुल सात कैच छोड़े। तीसरे ओवर से शुरू हुआ कैच छोड़ने का सिलसिला आखिरी ओवर तक जारी रहा। सबसे ज्यादा निराशाजनक प्रदर्शन मिल्टन शुम्बा का रहा, जिन्होंने अकेले चार कैच टपकाए और बांग्लादेश टीम के बल्लेबाजों को बार-बार जीवनदान दिया।
रिशाद हुसैन की शानदार गेंदबाजी
187 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम इस बार बल्ले से भी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। बांग्लादेश के लेग स्पिनर रिशाद हुसैन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार विकेट झटके और जिम्बाब्वे की पूरी टीम 152 रन पर सिमट गई।
दोनो टीमों की फील्डिंग का अंतर
इस मैच में सबसे मजेदार और ध्यान देने वाली बात ये रही कि दोनों टीमों की फील्डिंग में जमीन-आसमान का अंतर था। जहां एक तरफ जिम्बाब्वे के खिलाड़ियों ने मैदान पर बेहद खराब खेल दिखाया और मैच के दौरान कुल सात आसान कैच छोड़ दिए, वहीं दूसरी तरफ बांग्लादेश के खिलाड़ियों ने कमाल की मुस्तैदी दिखाई और पूरे मैच में एक भी कैच नहीं टपकाया। फील्डिंग के इसी बड़े फर्क और जिम्बाब्वे की ढीली फील्डिंग ने आखिरकार मैच का पासा पलट दिया, जो कि मैच के रिजल्ट में भी साफ-साफ दिखाई दिया।
