मानसून की दस्तक के बाद खाद-बीज को लेकर किसान परेशान, समितियों में खाद का टोटा


रीवा: झमाझम बारिश के साथ जिले मेें मानसून दस्तक दे चुका है. पहली बारिश में जहा शहर की सडक़े उफान पर आ गयीं, वही खेतो में भी पानी भर गया. बारिश के इंतजार में बैठा किसान बोनी की तैयारी में जुट गया है लेकिन खाद-बीज का टोटा है. सहकारी समितियों में न तो खाद है और न ही बीज, जिले में अब तक 42.2 मिली मीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है.

सबसे ज्यादा वर्षा गुढ़ में 85 मिली मीटर हुई है, जबकि गत वर्ष इस अवधि में 141. मिली मीटर औसत वर्षा दर्ज की गई थी. जिले की औसत वर्षा 1044.6 मिली मीटर है. गौरतलब है कि मानसून बारिश के बाद किसानों खरीफ की बोनी शुरू कर दी है. आषाढ़ में बोनी के लिये कम समय मिलता है. लगातार बारिश के चलते समय पर बोनी नही हुई तो समय निकल जाता है. इस समय किसान खाद और बीज की व्यवस्था में जूझ रहे है.

समितियों में धान, उड़द, मूंग, सोयाबीन का बीज नही है और कई समितियों में खाद तो है लेकिन अन्य समितियों में खाद का टोटा बना हुआ है. लिहाजा डबल लाक में खाद के लिये किसानों को लम्बी कतार लगानी पड़ रही है. बड़े किसानो ने पहले ही खाद रख ली थी लेकिन जो छोटे किसान है उन्हे खाद और बीज के लिये जूझना पड़ रहा है. व्यापारियों के यहा मंहगे दाम पर खाद और बीज लेने को किसान विवश है. अमानक स्तर के बीज परोसे जा रहे है, कृषि विभाग अभी तक अमानक बीज को लेकर कार्यवाही शुरू नही की है और न ही प्रशासन ने टीम गठित की है.
खाद के लिये पहले बुक करें स्लाट
किसानों को खाद समितियों में आसानी से नही मिल रही है. स्लाट बुक कराने के बाद ही किसानो को समितियों से खाद उपलब्ध होती है. स्लाट बुक करने के पहले समिति का सदस्य होना जरूरी है. जब किसान समिति का सदस्य बनता है उसके बाद ही वह खाद के लिये स्लाट बुक कर सकता है. डबल लाक केन्द्र में खाद के लिये लम्बी कतार लग रही है.

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