सीधी:जिले में आयुष चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह से अव्यवस्थित हो चुकी है। सीधी जिले में संचालित 59 आयुर्वेद औषधालयों में से केवल 12 में ही चिकित्सक पदस्थ हैं, जबकि शेष 47 औषधालय बिना डॉक्टरों के चल रहे हैं। इन केंद्रों में उपचार का जिम्मा कम्पाउंडरों और औषधि सहायकों पर टिका है।ग्रामीण क्षेत्रों के औषधालय अक्सर ताले में बंद रहते हैं या फिर अनियमित रूप से खुलते हैं। मरीजों को डॉक्टर नहीं मिलने पर कम्पाउंडर केवल दवा थमा देते हैं। नतीजतन लोगों का भरोसा आयुर्वेद चिकित्सा से उठता जा रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-39 पर स्थित शासकीय आयुष औषधालय उपनी की स्थिति भी लचर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केंद्र कभी-कभार कुछ घंटे के लिए खुलता है और यहां मिलने वाली दवाएं असरदार नहीं होतीं।जिला आयुष अधिकारी डॉ. बैजनाथ प्रजापति ने स्वीकार किया कि डॉक्टरों की भारी कमी है। उन्होंने बताया कि केवल 12 केंद्रों में ही चिकित्सक पदस्थ हैं और शेष औषधालयों में संसाधनों के सहारे उपचार की व्यवस्था की जा रही है। इस संबंध में शासन को लगातार पत्राचार किया जा रहा है।
