नयी दिल्ली, 12 सितंबर (वार्ता) दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा है कि दिल्ली सरकार का संकल्प है कि हर व्यक्ति की ज़िंदगी सुरक्षित और प्रदूषण-मुक्त हो।
श्री सिरसा ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली सरकार ने सर्दियों में प्रदूषण को काबू करने के लिए एक अनोखी और मानवीय पहल शुरू की है। सरकार 3,000 से अधिक आरडब्ल्यूए, फॉरेस्ट गार्ड और मज़दूरों को इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध कराएगी, जो अब तक ठंड से बचने के लिए लकड़ी, पत्ते या कचरा जलाने को मजबूर थे।
उन्होंने कहा, “दिल्ली सरकार का संकल्प है कि हर व्यक्ति की ज़िंदगी सुरक्षित और प्रदूषण-मुक्त हो। हम केवल निगरानी या पाबंदियों तक सीमित नहीं हैं—हम समाधान भी दे रहे हैं। हीटर बाँटने से लेकर कचरा प्रबंधन तक, हमारा मक़सद दिल्ली को साफ़ हवा, और सुरक्षित वातावरण देना है।”
पर्यावरण मंत्री ने कहा,“दिल्ली के इतिहास में यह अहम कदम है। पिछली सरकारों की तरह केवल आदेश जारी करने के बजाय, हम असली समाधान दे रहे हैं। जब हीटर सीधे लोगों को मिलेंगे, तो अलाव जलाने के मामले कम होंगे और प्रदूषण भी कम होगा। इस पहल के ज़रिए हम लोगों में एक व्यावहारिक बदलाव लाना चाहते हैं जिसके बाद वे खुले में आग जलाने से ख़ुद बचें।”
उन्होंने कहा कि सरकार ने प्राथमिकता तय की है। पहले आरडब्ल्यूए, फॉरेस्ट गार्ड और असंगठित इलाकों के मज़दूरों को हीटर दिए जाएंगे, ताकि किसी को भी ठंड से बचने के लिए प्रदूषण फैलाने वाली आग जलाने की ज़रूरत न पड़े। यह कदम दिल्ली की समग्र प्रदूषण नियंत्रण रणनीति का हिस्सा है। इसमें खुले में आग पर सख़्त निगरानी, रोज़ाना निरीक्षण, जागरूकता अभियान और कचरा प्रबंधन पर ज़ोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में कचरा प्रबंधन को लेकर बड़े बदलाव हो रहे हैं। ग़ाज़ीपुर, भलस्वा और ओखला लैंडफिल पर रोज़ाना 10,000 टन से ज़्यादा वेस्ट की प्रोसेसिंग हो रही है। वैज्ञानिक तरीके से बायोमाइनिंग, सीसीटीवी कैमरे, गैस डिटेक्टर और नियमित फायर ड्रिल की व्यवस्था ने इस साल लैंडफिल साइट्स किसी बड़े आगजनी को होने से रोका है।
हर व्यक्ति की ज़िंदगी सुरक्षित व प्रदूषण-मुक्त बनाना हमारी प्राथमिकता : सिरसा
