जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने 118.05 लाख रुपये के गबन करने के मामले में बर्खास्त किए गए मप्र खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर एसआर कोली को राहत नहीं दी है। एकलपीठ ने कोली की याचिका निरस्त कर दी। इसमें कोली ने अपनी बर्खास्तगी व 118.05 लाख रुपये की रिकवरी के आदेश को चुनौती दी थी। न्यायालय ने कहा है कि याचिकाकर्ता के खिलाफ चार्जशीट जारी करना व उसके अनुक्रम में बर्खास्तगी का आदेश जारी करना उचित व वैधानिक था।
कोली की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि गबन के आरोप में याचिकाकर्ता के विरुद्ध चार जून को विभागीय जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। लेकिन जांच पूरी होने के पूर्व ही 15 दिसंबर 2020 को उसे अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई। इसके बाद 8 जनवरी 2021 को यह आदेश रद कर उसकी बर्खास्तगी व 118.05 लाख रुपये रिकवरी का आदेश जारी किया गया। तर्क दिया गया कि याचिकाकर्ता प्रथम श्रेणी अधिकारी था।
इसलिए मैनेजिंग डायरेक्टर को उसे बर्खास्त करने का अधिकार नहीं था। विस्तृत सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति रद कर जारी किया गया बर्खास्तगी का आदेश विधि अनुसार प्रक्रिया के पालन के बाद जारी किया गया। यह अवैध या क्षेत्राधिकार के बाहर नहीं था। इस मत के साथ न्यायालय ने दायर याचिका निरस्त कर दी।
