
सीधी। सीधी जिले के सोन नदी जोगदहा स्थित सोन घडिय़ल अभ्यारण्य से तेज बारिश एवं पानी के तेज बहाव में बहे पांच क्विंटल वजनी नर घडिय़ाल का रेस्क्यू कर टीम द्वारा उत्तरप्रदेश के चोपन से मंगलवार की देर रात वापस जोगदहा लाया गया। लेकिन उक्त घडिय़ाल कुछ घंटे के अंदर ही दम तोड़ दिया।
मिली जानकारी के अनुसार मुरैना से पिछले वर्ष घडिय़ालों के वंशवृद्धि के लिये लाये गये नर घडिय़ाल में यह मृतक घडिय़ाल भी शामिल था। पिछले माह हुई तेज बारिश एवं बाणसागर बांध के गेटों को खोल दिये जाने के बाद से सोन नदी के बढ़े जल स्तर के कारण यह नर घडिय़ाल जोगदहा से बह गया। जब उक्त घडिय़ाल का कोई रता-पता जोगदहा घडिय़ाल अभ्यारण्य क्षेत्र में नहीं चला तो उसका पता करने के लिये टीम 8 सितम्बर को जोगदहा सोन नदी से मोटर वोट में रवाना हुई। मोटर वोट में कुछ 4 लोग सवार थे। इसके अलावा अन्य 5 वाहनों में भी अधिकारी एवं कर्मचारी सवार थे। वाहनों में डीजल की व्यवस्था भी अलग से की गई थी जिससे जरूरत पर मोटर वोट में डाला जा सके। यह टीम मोटर वोट से सोन नदी में बहे घडिय़ाल का सुराग लगाते हुये उत्तरप्रदेश के चोपन में पहुंची। यहां सोन घडिय़ाल से बहा घडिय़ाल टीम को मिला। जिसके बाद पांच क्विंटल वजनी घडिय़ाल को टीम में शामिल डॉक्टर द्वारा बेहोश किया गया। इसके बाद घडिय़ाल को वाहन में लोडकर टीम कल रात करीब 12 बजे जोगदहा अभ्यारण्य पहुंची। यहां घडिय़ाल को उतारा गया। शामिल डॉक्टरों द्वारा कहा गया कि कुछ घंटे के अंदर ही घडिय़ाल को होश आ जायेगा और वह अपने आप पानी के अंदर चला जायेगा। जब सुबह देखा गया तो उक्त घडिय़ाल दम तोड़ चुका था, जिसके बाद सोन घडिय़ाल अमले में हडक़म्प मच गया। डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची और पोस्टमार्टम के पश्चात मृतक घडिय़ाल को रेत में दफन करा दिया गया।
इनका कहना है-
चोपन से जोगदहा अभ्यारण्य से बहे घडिय़ाल को काफी सर्चिंग के पश्चात पता करके टीम द्वारा कल रात जोगदहा प्रक्षेत्र में लाया गया था। लेकिन उक्त घडिय़ाल करीब 3 घंटे में दम तोड़ दिया। जिसके बाद डॉक्टरों की टीम द्वारा पोस्टमार्टम कर मौत के कारणों का विष्लेषण किया जा रहा है।
मनीराम धुर्वे, रेंजर, सोन घडिय़ाल सीधी
