मुंबई, 17 जुलाई (वार्ता) कच्चे तेल और अमेरिकी मुद्रा में मजबूती के दबाव में रुपया गुरुवार को 14 पैसे टूट गया और कारोबार की समाप्ति पर अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में एक डॉलर का भाव 86.09 रुपये का रहा।
भारतीय मुद्रा इस साल अप्रैल के बाद पहली बार 86 रुपये प्रति डॉलर से नीचे उतरी है।
वैश्विक कारकों में दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर का सूचकांक आज करीब 0.46 प्रतिशत मजबूत हुआ। इसके अलावा, घरेलू स्तर पर शेयर बाजारों की गिरावट से भी रुपये पर दबाव रहा। विदेशी निवेशकों की निकासी के कारण डॉलर की मांग बढ़ी है, जिससे भारती मुद्रा कमजोर हुई है।
सुबह के कारोबार में रुपया दो पैसे की मजबूती के साथ 85.93 रुपये प्रति डॉलर पर खुला। एक समय यह 85.80 रुपये प्रति डॉलर तक मजबूत हुआ। बाद में डॉलर की मांग निकलने से रुपये पर दबाव आ गया और यह 86.13 रुपये प्रति डॉलर तक उतर गया। अंत में 14 पैसे की गिरावट के साथ 86.09 रुपये प्रति डॉलर बोला गया।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी रही जिससे तेल आयातकों की तरफ से डॉलर की मांग में तेजी रही। इसका असर भी रुपये पर देखा गया।
