सतना: सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम के जरिए पहले युवती से घनिष्ठता बढ़ाई और उसके बाद अपनी जरुरतों का रोना रोते हुए पैसे ऐंठना शुरु कर दिया. 4 लाख से अधिक की रकम ठग लेने के बाद भी ब्लैकमेलिंग और धर्मांतरण का दबाव बनाते हुए वह घर में रखे सोने-चांदी के आभूषण मांगने लगा. पानी सिर से ऊपर गुजर जाने पर परिजनों ने पुलिस की सहायता ली. नतीजतन आरोपी को दबोचते हुए सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया.
सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत शहर के एक क्षेत्र की निवासी युवती की सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर जोधपुर राजस्थान के रहने वाले एक युवक से जान पहचान हो गई. अपनी पहचान को छिपाते हुए युवक ने सोशल मीडिया के जरिए युवती से काफी घनिष्ठता बढ़ा ली. जिसके बाद वह युवती की संवेदनाओं का फायदा उठाते हुए धीरे-धीरे पैसे मांगने लगा.
कभी घर की मजबूरी तो कभी मां की बामारी जैसे बहनों का उपयोग करते हुए युवक ने कई किश्तों में युवती से 4 लाख 5 हजार रु ऑनलाइन ट्रांपसफर करा लिए. जब इस बारे में युवती के परिजनों को मालुम हुआ तो उन्होंने युवती का फोन नंबर बदल दिया. कुछ समय बाद ही युवक ने युवती का नया नंबर खोज निकाला और पैसों की मांग करने लगा. लेकिन अब युवती को समझ में आ गया था कि युवक उसके साथ छल कर रहा है. लिहाजा उसने पैसे देने और कोई भी संपर्क रखने से इंकार कर दिया.
यह देखते ही युवक अने अपनी असली पहचान सोहेल बेलिम उर्फ सोनू पिता अब्दुल जब्बार उम्र 26 वर्ष निवासी जोधपुर राजस्थान के तौर पर बताई. इसके साथ ही सोहेल ने युवती पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाने शुरु कर दिया. इंकार करने पर उसे बदनाम करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने का प्रयास करने लगा. जब युवती ने बताया कि उसके सारे पैसे समाप्त हो चुके हैं तो सोहेल ने घर में रखे सोने-चांदी के गहनों की मांग शुरु कर दी. यह देख युवती ने सारी जानकारी अपने परिजनों को दे दी.
जोधपुर से आया था गहने लेने
परिजनों के कहे अनुसार युवती ने सोहेल को सोने-चांदी के गहने देने के लिए हामी भर दी. जिसके चलते वह अपने एक साथी के साथ जोधपुर से सतना पहुंच गया. जैसे ही उसने गहने हड़पने का प्रयास किया वैसे ही परिजनों ने उसे दबोच लिया. इस दौरान सोहेल का साथी भाग निकला. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने सोहेल को गिरफ्तार करते हुए उसे फरार साथी की तलाश शुरु कर दी. सिविल लाइन थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह परिहार के अनुसार आरोपी सोहेल के विरुद्ध धारा 318 78 बीएनएस और मप्र धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 5 के अंतर्गत कार्रवाई कररते हुए सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया.
