भोपाल: इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल में दो नवजात शिशुओं की चूहों के काटने से हुई मौत ने प्रदेश भर को हिला दिया है। कांग्रेस ने इसे भाजपा सरकार की घोर लापरवाही और भ्रष्ट व्यवस्था का नतीजा बताया है।कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने कहा कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि अपराध है। उन्होंने याद दिलाया कि अस्पताल में पहले भी कई बार चूहों और संक्रमण से जुड़ी घटनाएँ हुईं—2015 में शवगृह में नवजात का सिर चूहों ने कुतरा, 2021 में नवजात के पैर काटे गए और 2023 में पेस्ट कंट्रोल का ठेका निजी कंपनी को दिया गया, पर काम अधूरा छोड़कर अब 11 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा रहा है।
नायक का आरोप है कि प्रशासन ने मौत की असली वजह छिपाई और बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट के ही हृदय रोग बताकर मामला दबाने की कोशिश की। जांच कमेटी के सामने भी अस्पताल में चूहे और कॉकरोच खुलेआम मिले।राहुल गांधी ने घटना को “सीधी हत्या” बताया और कहा कि सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को जानबूझकर निजी हाथों में सौंप दिया है, जिससे सरकारी अस्पताल गरीबों के लिए “मौत के अड्डे” बन गए हैं।
इसी बीच, सिंगरौली की एक बैगा महिला को जननी एक्सप्रेस या एंबुलेंस न मिलने पर बारिश में सड़क पर प्रसव करना पड़ा, जिससे जच्चा-बच्चा की हालत बिगड़ गई। कांग्रेस ने इसे भाजपा राज की असलियत बताया।कांग्रेस ने सवाल उठाया—जब वर्षों से शिकायतें मिल रही थीं, तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई? हर बार मासूमों की जान जाने के बाद ही सरकार क्यों जागती है?नायक ने चेतावनी दी कि “आज मप्र का भविष्य चूहे कुतर रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव को माफी मांगनी चाहिए और स्वास्थ्य सेवाओं में तुरंत सुधार करना चाहिए। कांग्रेस गरीबों और बच्चों के अधिकारों की इस लड़ाई को जारी रखेगी।”
