
सीहोर। फसल बीमा राशि न मिलने से नाराज किसान लगातार अनोखे तरीकों से प्रदर्शन कर रहे हैं. पिछले 11 दिनों से क्रमबद्ध आंदोलन कर रहे किसानों ने बुधवार को पानी की टंकी पर चढ़कर हाथों में खराब फसल लेकर थाली-घंटी बजाते हुए शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया. किसानों का कहना है कि वह पांच साल से बीमा राशि का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक मुआवजा नहीं मिला.
किसानों ने आरोप लगाया कि पीला मोजाइक बीमारी से उनकी सोयाबीन की फसल बर्बाद हो गई है और बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद अधिकारियों ने अब तक खेतों का सर्वे नहीं किया. इससे आक्रोशित किसान कभी जल सत्याग्रह, तो कभी पेड़ों पर चढ़कर घंटी बजाकर विरोध जता रहे हैं. उनका कहना है कि जब तक बीमा कंपनियां और प्रशासन नुकसान का सर्वे कर मुआवजा नहीं देंगे, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
